2026 में Apple, Samsung, OnePlus, Xiaomi जैसी कंपनियां महंगाई का तगड़ा झटका लग सकता है। सरकार ने पिछले साल नवरात्रि से पहले GST की दरें कम करके इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट को सस्ता किया था। हालांकि, इस साल इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट और स्मार्टफोन कंपनियां अपने प्रोडक्ट पहले के मुकाबले ज्यादा कीमत में लॉन्च कर सकते हैं। ऐसे में सस्ते 5G स्मार्टफोन का सपना टूट सकता है। स्मार्टफोन की कीमतों में इजाफे की वजह चिप सप्लाई में आई कमी है।
कितनी बढ़ेगी कीमत?
रिपोर्ट्स की मानें तो स्मार्टफोन चिप की कमी की वजह से फोन की कीमतों में एवरेज 6.9% तक का इजाफा हो सकता है। आसान भाषा में समझें तो 10,000 रुपये वाला फोन नए साल में करीब 10,700 रुपये की कीमत में मिलेगा। काउंटरप्वाइंट की रिपोर्ट के मुताबिक, स्मार्टफोन की एवरेज सेलिंग प्राइस (ASP) बढ़ सकती है। स्मार्टफोन में यूज होने वाले क्रिटिकल कंपोनेंट्स जैसे कि रैम और मेमोरी कार्ड की कमी की वजह से स्मार्टफोन कंपनियों के एंड प्रोडक्ट की प्राइस पर इसका असर दिखेगा।
चिप सप्लाई में कमी
चिप की कमी का अंदाजा आप इस तरह लगा सकते हैं कि पिछले दिनों सैमसंग ने चिप की शॉर्टेज को लेकर अपने बड़े अधिकारी की छुट्टी कर दी है। स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों को रैम, चिपसेट और अन्य कंपोनेंट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। एआई की बढ़ती डिमांड की वजह से चिप मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां डेटा सेंटर के लिए चिप बना रही हैं। इसका असर ऑर्डिनरी चिप के प्रोडक्शन पर पड़ रहा है। मेमोरी कार्ड की सप्लाई कम होने की वजह से स्मार्टफोन कंपनियों के पास स्टॉक की कमी देखने को मिल सकती है।
बजट फोन के प्रोडक्शन में कटौती
वहीं, रिपोर्ट्स की मानें तो 2026 में चिप के अलावा अन्य कंपोनेंट्स की कीमत में भी इजाफा देखने को मिल सकता है, जो स्मार्टफोन के एंड प्राइस को बढ़ा सकता है। कई ब्रांड्स ने तो अपने बजट स्मार्टफोन के प्रोडक्शन में भारी कटौती की है। खास तौर पर शाओमी, ओप्पो और ऑनर जैसी चीनी कंपनियां मिड और प्रीमियम फोन पर फोकस कर रही हैं। कम प्रॉफिट मार्जिन की वजह से कंपनियों को इसका नुकसान हो रहा था।
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