साइबर फ्रॉड के खिलाफ सरकार की सख्ती जारी है। इस साल फरवरी तक 7.8 लाख से ज्यादा सिम कार्ड, 3 हजार से ज्यादा Skype आईडी और 83 हजार से ज्यादा वाट्सऐप अकाउंट को ब्लॉक किया गया। लोकसभा में सरकार ने डिजिटल फ्रॉड के खिलाफ की गई सख्ती के बारे में जानकारी दी है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने लोकसभा में पूछे गए एक लिखित सवाल का जबाव देते हुए यह जानकारी दी है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 28 फरवरी तक एजेंसी ने डिजिटल फ्रॉड से जुड़े 7.81 लाख से ज्यादा सिम कार्ड ब्लॉक करने का काम किया है। यही नहीं, सरकार ने 2,08,469 IMEI नंबर को भी ब्लॉक करने का काम किया है। ये मोबाइल हैंडसेट पुलिस और अन्य जांच एजेंसी के द्वारा रिपोर्ट किए गए थे। बता दें IMEI नंबर एक यूनिक नंबर होता है, जो हर मोबाइल डिवाइस के लिए अलग होता है। इन मोबाइल हैंडसेट का इस्तेमाल साइबर क्राइम के लिए किया गया था।
इसके अलावा गृह मंत्रालय की सब्सिडियरी एजेंसी I4C ने 3,962 Skype ID की पहचान करके ब्लॉक करने का काम किया है। साथ ही, एजेंसी ने 83,668 वाट्सऐप अकाउंट को भी ब्लॉक किया है। इन डिजिटल वीडियो कॉलिंग ऐप्स का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट के लिए किया गया था।
लोकसभा में बोलते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने कहा कि I4C को मोदी सरकार ने 2021 में लॉन्च किया था। यह एक क्विक रिस्पॉन्स एजेंसी है जो फाइनेंशियल फ्रॉड के मामलों में तुरंत एक्शन लेती है। अब तक रिपोर्ट किए गए 13.36 लाख शिकायतों में लोगों के 4,389 करोड़ रुपये बचाए जा चुके हैं। इसके अलावा साइबर फ्रॉड के लिए सरकार ने नेशनल हेल्पलाइन नंबर 1930 की भी शुरुआत की है।
इसके अलावा लोग Sanchar Saathi पोर्टल के जरिए भी स्पैम कॉल, फर्जी कम्युनिकेशन आदि को रिपोर्ट कर सकते हैं। दूरसंचार विभाग का संचार साथी पोर्टल कुछ साल पहले लॉन्च किया गया था। हाल ही में इसका ऐप भी लॉन्च किया गया है, जिसे यूजर्स गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।
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