Google Gemini के इमेज जेनरेटिंग टूल Nano Banana का नाम कैसे पड़ा इसका खुलासा हो गया है। गूगल ने पिछले साल अगस्त में अपने इस इमेज जेनरेटिंग प्लेटफॉर्म को लॉन्च किया था। गूगल का नैनो बनाना टूल काफी लोकप्रिय है और लोग अपनी पसंद के एआई जेनरेटेड इमेज इसके जरिए क्रिएट कर सकते हैं। पिछले साल नैनो बनाना के साड़ी और रेट्रो ट्रेंड सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय रहे हैं।
Nano Banana कैसे पड़ा नाम?
गूगल डीपमाइंड के आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट के जरिए इसका खुलासा हुआ है। पिछले साल जुलाई में गूगल ने नैनो बनाना टूल को लॉन्च किया था। ब्लॉग पोस्ट के मुताबिक, इस एआई मॉडल LMArena पर काम करने वाली टीम को नैना रायसिंघानी लीड कर रही थी। पिछले साल जुलाई में टीम ने इसका नाम Gemini 2.5 Flash Image रखा था, जिसे फाइनल कर लिया गया था।
चीफ प्रोडक्ट मैनेजनर नैना रायसिंघानी को रात के करीब 2:30 बजे इसके पब्लिक फेसिंग कोडनेम बनाने का रिक्वेस्ट आया और उन्होंने इसका नाम 'Nano Banana' रख दिया, जिसका कोई मतलब तो नहीं था, लेकिन इसे इंस्टैंटली अप्रूव कर दिया गया। दरअसल, चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर नैना रायसिंघानी को उसके नजदीकी मित्र 'नैनो' बुलाते हैं। नैना को 'नैनो' बुलाने के पीछे की वजह ये है कि उनका कद छोटा है और उन्हें कम्प्यूटर में काफी दिलचस्पी है। नैना इस इस नाम से अपना ऑडियो पॉडकास्ट Nano Bookcast भी चलाती हैं।
लॉन्च होते ही हो गया फेमस
पिछले साल अगस्त में LMArena में इस नैनो बनाना इमेज जेनरेटिंग टूल को रिवील किया गया, जिसमें इमेज को एडिट करने की क्षमता थी। अपनी AI टूल्स की क्षमता और पब्लिक नेम की वजह से नैनो बनाना काफी लोकप्रिय हो गया और फिलहाल दुनिया का टॉप इमेज एडिटिंग एआई टूल बना गया है।
क्या है पाकिस्तान से कनेक्शन?
नैना रायसिंघानी एक पाकिस्तानी मूल की सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, जो सैन फ्रैंसिस्को अमेरिका में रहती हैं। उन्होंने पाकिस्तान के लाहौर यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट साइंस से पढ़ाई की। कम्प्यूटर में इंटरेस्ट की वजह से उन्होंने आगे की पढ़ाई अमेरिका से की। वो गूगल डीप माइंड के चीफ प्रोडक्ट मैनेजर के तौर पर सेवाएं दे रही हैं।
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