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LPG सप्लाई रुकने का मोबाइल और इंटरनेट सर्विसेज पर क्यों आ सकता है असर, जानें क्या है कनेक्शन

 Published : Mar 11, 2026 02:53 pm IST,  Updated : Mar 11, 2026 03:01 pm IST

देश में एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई में किल्लत की खबरें सामने आ रही हैं और कई सेक्टर्स इससे प्रभावित हो सकते हैं लेकिन मोबाइल और इंटरनेट सर्विसेज पर क्यों असर आ सकता है-ये यहां समझिए।

Telecom Tower- India TV Hindi
टेलीकॉम टावर Image Source : FREEPIK

LPG Supply Shortage: देश में एलपीजी सप्लाई बंद होने को लेकर टेलीकॉम टावर मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनियों का कहना है कि इससे मोबाइल और इंटरनेट सर्विसेज पर असर देखा जा सकता है। डिजिटल बुनियादी ढांचा उद्योग संगठन डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (DIPA) ने कहा कि सरकार के आदेश के बाद पेट्रोलियम कंपनियों ने टेलीकॉम टावर मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों को एलपीजी की सप्लाई बंद कर दी है। डीआईपीए ने कहा कि मौजूदा जियो-पॉलिटिकल परिस्थितियों और ईंधन संकट की वजह से मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है। सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों को निर्देश दिया है कि एलपीजी की सप्लाई फिलहाल केवल घरेलू कंज्यूमर्स को प्राथमिकता के आधार पर की जाए। 

टेलीकॉम टावर को क्यों पड़ती है LPG की जरूरत

टेलीकॉम टावर मैन्यूफैक्चरिंग के प्रोसेस में गैल्वनाइजेशन की प्रक्रिया का इस्तेमाल होता है जिसके लिए एलपीजी या गैस बेस्ड फ्यूल की जरूरत होती है। इसके कारण टेलीकॉम टावर मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों को एलपीजी की लगातार सप्लाई जरूरी है और अब जबकि ये रुक गई है तो टावर बनाने वाली यूनिट्स को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अगर यही स्थिति लंबे समय तक जारी रही तो टावर मैन्यूफैक्चरिंग बाधित हो सकती है जिसका असर मोबाइल और इंटरनेट सर्विसेज पर आ सकता है।

 5 मार्च 2026 से टेलीकॉम टावर निर्माण कंपनियों को LPG सप्लाई बंद हुई

इस मामले में संगठन (DIPA) ने टेलीकॉम सचिव अमित अग्रवाल से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन के मुताबिक 5 मार्च 2026 से टेलीकॉम टावर निर्माण कंपनियों को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की तरफ से एलपीजी की सप्लाई बंद कर दी गई है। इससे टावर निर्माण इकाइयों के सामने गंभीर परिचालन समस्या खड़ी हो गई है। डीआईपीए ने चेतावनी दी कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो प्लांट्स को पूरी तरह उत्पादन बंद करना पड़ सकता है। ऐसे संयंत्रों को दोबारा शुरू करने में काफी समय लगता है, जिससे टावर विनिर्माण लंबे समय तक प्रभावित हो सकता है।

किन कंपनियों पर होगा डायरेक्ट असर

संगठन ने कहा कि एलपीजी या एलएनजी की सप्लाई बंद रहने से टेलीकॉम टावर निर्माण की सप्लाई चेन पर निगेटिव असर देखा जा सकता है और नए टावर लगाने की योजनाओं में देरी हो सकती है। इससे खासकर उन इलाकों में नेटवर्क विस्तार प्रभावित होगा जहां अभी पहुंच कम है या क्षमता की कमी है। डीआईपीए के सदस्यों में इंडस टावर्स, एसेंड टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर, वोडाफोन आइडिया और जेंटारी इंडिया जैसी कंपनियां शामिल हैं। 

गैल्वेनाइजेशन क्या है?

गैल्वेनाइजेशन लोहे या स्टील को जंग से बचाने का एक कैमिकल प्रोसेस है जिसमें उन पर जिंक की एक सेफ्टी लेयर चढ़ाई जाती है। इससे लोहा नमी और ऑक्सीजन के संपर्क में आने से बचता है जिससे उसमें जंग नहीं लगता। मोबाइल टावर मैन्यूफैक्चरिंग में ये अहम प्रोसेस में से एक है।

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