माइक्रोसॉफ्ट सीईओ सत्य नडेला ने हाल ही में एआई को लेकर बड़ी बात कही है। नडेला ने इसके लिए एक लंबा-चौड़ा ब्लॉग लिखा है और बताया है कि 2026 में एआई किस तरह से हमारी जिंदगी में बड़े बदलाव लाने वाला है। अपने पहले ब्लॉग 'sn scratchpad' में सत्य नडेला ने माइक्रोसॉफ्ट एवं अन्य एआई कंपनियों के स्ट्रेटेजी को लेकर अपने विचार रखे हैं। उन्होंने कहा कि एआई कंपनियों के पास एआई के साथ अभी भी बहुत कुछ करना है ताकि इस एडवांस टेक्नोलॉजी का रियल वर्ल्ड में प्रभाव दिख सके।
2026 में एआई का टर्निंग प्वॉइंट
माइक्रोसॉफ्ट के हेड ने अपने ब्लॉग में कहा है कि 2026 में एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक टर्निंग प्वॉइंट साबित होगा। एआई को केवल चर्चा और प्रयोगों से हटकर वास्तिवक जीवन में इस्तेमाल करने पर फोकस किया जाएगा। अपने ब्लॉग पोस्ट में सत्या नडेला ने कहा कि एआई इंडस्ट्री को अब आकर्षक डेमो और दिखावे से आगे बढ़कर यह समझने की दिशा में काम करना चाहिए कि यह टेक्नोलॉदी असल में कहां और कैसे उपयोगी साबित हो सकती है। उन्होंने ये भी माना कि एआई की क्षमता कुछ समय में तेजी से बढ़ी है, लेकिन इसका व्यवहारिक इस्तेमाल उस हिसाब से नहीं बढ़ा है।
मॉडल ओवरहैंग
माइक्रोसॉफ्ट सीईओ ने इसे मॉडल ओवरहैंग बताया है यानी एआई मॉडल हमारी रोजमर्रा की जिंदगी, कारोबार और समाज में जितना लागू हो पा रहे हैं, उससे कहीं ज्यादा ये विकसित हो चुके हैं। हम अभी एआई की लंबी यात्रा के शुरुआती पायदान पर खड़े हैं और भविष्य में इसे लेकर कई सवाल अभी भी खुले हैं। अभी भी एआई की कई क्षमताएं पूरी तरह से वास्तविक जीवन में इस्तेमाल नहीं हो पाई हैं।
सत्य नडेला ने एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स के उस विचार को याद किया है, जिसमें कंप्यूटर को दिमाग की साइकिल कहा गया था। एआई के जमाने में इस सोच को और आगे बढ़ाने की जरूरत है। नडेला ने अपने ब्लॉग में ये भी कहा है कि एआई को इंसानी सोच की जगह लेने के लिए नहीं, बल्कि उसे और बेहतर करने के लिए तैयार करना चाहिए। एआई की असली ताकत इस बात में नहीं है कि मॉडल कितना शक्तिशाली है, बल्कि इसमें है कि लोग उसे कैसे यूज कर रहे हैं।
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