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AI चैटबॉट्स को कभी न कहें Please और Thanks? एक्सपर्ट्स ने बताई हैरान करने वाली वजह

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Oct 24, 2025 07:18 pm IST,  Updated : Oct 24, 2025 07:18 pm IST

ChatGPT, Google Gemini जैसे एआई चैटबॉट से बात करते समय अगर आप Please और Thanks जैसे शिष्टाचार वाले शब्दों का प्रयोग करते हैं तो आपको एक्सपर्ट्स की ये सलाह जरूर माननी चाहिए।

AI Chatbot- India TV Hindi
एआई चैटबॉट्स Image Source : UNSPLASH

AI चैटबॉट्स से इंटरैक्शन करते समय अगर आप Please और Thanks जैसे शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसे बंद कर दें। एक्सपर्ट्स ने एआई चैटबॉट इस्तेमाल करते समय कम से कम शब्दों के कमांड का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। आम तौर पर किसी से बातचीत करते समय शिष्टाचार वाले शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए, जो एक फॉर्मल कन्वर्सेशन के लिए बेहद जरूरी है। वहीं, अगर आप चैटबॉट्स के साथ ऐसा कर रहे हैं तो इसे तुरंत बंद कर दें।

एआई के साथ शिष्टाचार नहीं है जरूरी

अमेरिकी एआई एक्सपर्ट क्लिफ जर्किविक्ज ने कहा कि एआई के साथ बातचीत करते समय शिष्टाचार दिखाने की जरूरत नहीं है। एआई कोई इंसान नहीं है, बल्कि एक टूल है। अमेरिकी एक्सपर्ट के इस बयान के बाद से सोशल मीडिया पर एक नई बहस शुरू हो गई है। वहीं, एक सर्वे में यह जानकारी भी सामने आई है कि अमेरिका और ब्रिटेन जैसे पश्चिमी देशों में एआई चैटबॉट से बात करते समय क्रमशः 67% और 71% यूजर्स Please और Thanks जैसे शिष्टाचार वाले शब्दों का प्रयोग करते हैं।

हालांकि, न्यूजीलैंड के एआई एक्सपर्ट एंड्यू लेनसन का कहना है कि अगर हमारी एआई से ऑनलाइन बातचीत होती है तो शिष्टाचार दिखाने की जरूरत है। जिस तरह से हम इंसानों से बात करते समय विनम्रता दिखाते हैं, ठीक उसी तरह एआई के साथ ही यह दिखा सकते हैं ताकि उन्हें भी इसकी आदत लग सके। कई और एक्सपर्ट्स का मानना है कि एआई के साथ शिष्टाचार दिखाना गलत तो नहीं है लेकिन इससे इंसान और मशीन के बीच की रेखा धुंधली हो सकती है।

बिजली की होगी खपत

माइक्रोसॉफ्ट के डिजाइन कर्टिस बीवर्स का कहना है कि शिष्टाचार वाले शब्दों से एआई का व्यवहार तो बेहतर और सम्मानजनक हो सकता है लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि एआई को कैसे ट्रेन किया गया है। एआई को चलाने वाले डेटा सेंटर में बिजली की बहुत ज्यादा खपत होती है। एआई से शिष्टाचार के साथ बात करने से लंबे सेंटेस बनाने पड़ेंगे, जिसकी वजह से और ज्यादा बिजली की खपत होगी। ऐसे में एआई के साथ कम से कम शब्दों में कम्युनिकेट करना बेहतर होगा ताकि बिजली की बचत की जा सके।

ChatGPT और Gemini AI जैसे एआई को लेकर जब शिष्टाचार से जुड़े सवाल एक्सपर्ट्स से पूछे गए तो कई एक्सपर्ट्स ने माना कि उनके लिए शिष्टाचार मायने नहीं रखता है क्योंकि उनके पास संभावनाएं नहीं है। हालांकि, शिष्टाचार से बात करना केवल इंसानों के लहजे को प्रभावित कर सकता है।

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