दुनिया में 5G लॉन्च हुए 5 साल पूरे हो गए हैं और अब 6G की तैयारी की जा रही है। तेजी से बदल रही टेक्नोलॉजी के इस दौर में एक ऐसा देश भी है, जहां लोग अभी भी 2G/3G के दौर में जी रहे हैं। वहां पर आम नागरिकों को ग्लोबल इंटरनेट का एक्सेस तक नहीं है। वहां लोग सरकार की निगरानी में Intranet इस्तेमाल करते हैं। जिन लोगों के पास इंटरनेट का एक्सेस है भी उन्हें सरकार को हर घंटे का स्क्रीनशॉट भेजना पड़ता है, ताकि यह चेक किया जा सके कि सरकार के खिलाफ कोई प्रोपोगैंडा तो नहीं चलाया जा रहा है।
जी हां, हम बात कर रहे हैं नॉर्थ कोरिया यानी उत्तर कोरिया की। 2023 में WIRED ने नॉर्थ कोरिया में इंटरनेट एक्सेस को लेकर एक रिपोर्ट शेयर की थी, जिसमें कहा गया था कि उत्तर कोरिया में इंटरनेट को लेकर इतनी सख्ती है कि कोई भी जानकारी वहां से दुनियाभर में नहीं पहुंच सकती है। इंटरनेट का एक्सेस केवल सरकारी तंत्र में काम करने वाले अधिकारियों के पास ही है। वहां के लोग Intranet का इस्तेमाल करते हैं, जिसे Kwngmyomg कहा जाता है। यही नहीं, सरकार द्वारा दी जाने वाली Intranet सर्विस भी सर्विलांस पर रहती है।

लोग इंट्रानेट पर क्या सर्च कर रहे हैं, क्या शेयर कर रहे हैं हर डिटेल सरकार के पास रहती है। इसके अलावा स्मार्टफोन का इस्तेमाल भी केवल कुछ लोग ही करते हैं। जिनके पास स्मार्टफोन रहता है, उनकी पूरी निगरानी सरकार द्वारा की जाती है। पूरे नॉर्थ कोरिया में लोग अभी भी 2G वाले फीचर फोन का ही इस्तेमाल करते हैं। स्मार्टफोन पर देखे जाने वाले कॉन्टेंट का स्क्रीनशॉट भी सरकार के भेजा जाता है। इसके अलावा लोगों के फैशन और लाइफस्टाइल पर भी सरकार की नजर रहती है।
नॉर्थ कोरिया में इंटरनेट को लेकर क्या है नियम?
ग्लोबल इंटरनेट का एक्सेस केवल कुछ लोगों के लिए ही है। इस पर भी सरकार की सेंसरशिप रहती है।
आम लोगों केवल Kwangyong इंट्रानेट का ही इस्तेमाल करते हैं, उनके पास ग्लोबल इंटरनेट का एक्सेस नहीं रहता है।
नॉर्थ कोरिया में विदेशी मीडिया का एक्सेस नहीं है। यहां तक की विदेशी रेडियो की ब्रॉडकास्टिंग क्राइम मानी जाती है।
साइबर सिक्योरिटी और हैकिंग एक्टिविटीज को लेकर भी नॉर्थ कोरिया पर सवाल उठते रहे हैं।
यह भी पढ़ें -
Vivo ने सस्ते में लॉन्च किया 5500mAh बैटरी वाला धांसू 5G स्मार्टफोन, जानें कीमत