Ad-Blocking Private DNS: क्या आप फोन में आने वाले विज्ञापनों यानी ऐड से परेशान हैं? कई बार हम कोई वीडियो देख रहे होते हैं या न्यूज पढ़ रहे होते हैं, या गेम खेल रहे होते हैं तो ऐड आकर आपके एंटरटेनमेंट में खलल डाल देता है। इस परेशानी को दूर करने के लिए आपके पास एक ऐसा टूल है जो इस दिक्कत को काफी हद तक दूर कर सकता है। हालांकि ज्यादातर यूजर्स को इसके बारे में पता नहीं होता है और वो ऐड के साथ ही अपना काम या मनोरंजन पूरा करते हैं। इससे बचने के लिए आपके पास dns.adguard.com के रूप में बढ़िया टूल है और यहां जानिए कि कैसे इसे इस्तेमाल कर सकते हैं।
अपने फोन की 'Private DNS' सेटिंग में जाकर आप ये काम कर सकते हैं। Private DNS जो कि DNS-over-TLS के तौर पर जाना जाता है इसका यूज करना एड को रोकने का सबसे आसान तरीका है। इसकी खास बात ये है कि इसके लिए आपको किसी बाहरी ऐप को इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं है। यह सिस्टम लेवल पर काम करता है, जिससे ब्राउजर और कई गेम्स या ऑल्टरनेटिव ऐप्स के ऐड ब्लॉक हो जाते हैं। इसमें आपका डेटा भी कम खर्च होता है और बैटरी भी कुछ बचती है क्योंकि सर्फिंग के दौरान ऐड लोड नहीं होते हैं।
dns.adguard.com' का यूज करने से कुछ वेबसाइट्स या ऐप शायद थोड़ा कम स्पीड पर चल सकती हैं लेकिन यह ऐड से बचने का सबसे कारगर और आसान तरीका है। हालांकि ये तरीका YouTube में आने वाले वीडियो विज्ञापनों को ब्लॉक नहीं कर सकता क्योंकि वो ऐड सीधे यूट्यूब के अपने सर्वर से आते हैं। कभी-कभी कुछ पब्लिक वाई-फाई पर अगर आपका इंटरनेट चलना बंद हो जाए, तो इसे वापस 'Automatic' पर सेट करना पड़ सकता है। अगर आप dns.adguard.com का यूज करते हैं और किसी-किसी वेबसाइट को लोड करने में दिक्कत आती है, तो आप NextDNS का भी यूज कर सकते हैं। आप क्या ब्लॉक करना चाहते हैं ये आपको चुनने की फैसिलिटी देता है।
जब dns.adguard.com को फोन में सेट किया जाता है तो इंटरनेट ट्रैफिक AdGuard के सर्वर के मोड से आता है। यह सर्वर उन डोमेन को पहचानकर ब्लॉक कर देता है जो ऐड और ट्रैकर्स दिखाते हैं।
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