विकसित भारत जी राम जी स्कीम के तहत भुगतान में अगर देरी होगी तो इसका मुआवजा भी दिया जाएगा। इस योजना में किसान और मजदूर दोनों के हितों को सुरक्षित रखने की गारंटी दी गई है।
सरकार का लक्ष्य है कि 1 अप्रैल, 2026 से ये सभी संहिताएं पूरे देश में एक साथ पूरी तरह लागू हो जाएं। श्रम मामलों के संविधान की समवर्ती सूची में शामिल होने से ये जरूरी है कि राज्यों के स्तर पर भी इनके लिए नियम बनाए जाएं।
हरियाणा विधानसभा ने सोमवार को एक विधेयक पारित किया, जिसमें दुकानों और निजी वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों के लिए दैनिक कार्य की अवधि को नौ घंटे से बढ़ाकर दस घंटे करने का प्रावधान है
सरकार के मुताबिक, ये कोड्स सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम सुरक्षा, सुरक्षित कार्यस्थल, समय पर वेतन और समान अवसर सुनिश्चित करेंगे। नए कोड्स रोजगार को औपचारिक बनाएंगे, श्रमिक सुरक्षा को मजबूत करेंगे।
टीजीपीडब्ल्यूयू ने श्रम विभाग से निरीक्षण करने, जेप्टो को न्यूनतम वेतन मानदंडों का अनुपालन करने का निर्देश देने और चल रही हड़ताल का समाधान निकालने को कहा है।
जेजे अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि वॉटर टैंक से रेस्क्यू कर लाए गए चार मजदूरों को मृत घोषित कर दिया गया है। वाटर टैंक में दम घुटने से बेहोश हुए पांच मजदूरों को अस्पताल लाया गया था। इनमें से चार की मौत हो गई और एक की जान बच गई।
श्रम मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने श्रमिकों, खासकर असंगठित क्षेत्र के काम करने वाले मजदूरों को समर्थन देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के तहत परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (वीडीए) को संशोधित करके न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की है।
आहूजा ने ठेकेदारों द्वारा अपंजीकृत मजदूरों से काम कराने के मामले बढ़ने से पैदा हो रही चुनौतियों से निपटने के तरीके पर बात की। उन्होंने कहा कि चार श्रम संहिताओं के लिए ठेकेदारों को अंतरराज्यीय प्रवासी कामगार अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप इन श्रमिकों को व्यापक लाभ प्रदान करना होगा।
Labour Day PM Modi: भारत में वामपंथी लोग शुरुआत में लेबर डे का नेतृत्व कर रहे थे। 1 मई 1923 को लेबर किसान पार्टी ऑफ हिंदुस्तान की अध्यक्षता में पहली बार मजदूर दिवस चेन्नई में मनाने का फैसला लिया गया था।
New Labour Code: काम करने वाले कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार (Central Government) के तरफ से जल्द एक अच्छी खबर मिलने वाली है।
केंद्र की मोदी सरकार के आगे सुधारों की लंबी फेहरिस्त है। लेकि अपनी नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए भाजपा सरकार का रिस्पॉन्स चुनाव भविष्य में होने वाले राज्यों के चुनाव पर भी निर्भर करेगी।
सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 संगठित एवं असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों और श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ प्रदान करने के मकसद से सामाजिक सुरक्षा से संबंधित कानूनों में जरूरी संशोधन करती है।
सरकार नए कानूनों में ओवरटाइम के लिए मौजूदा समय सीमा को बदल सकती है। नए श्रम कानूना के तहत निर्धारित समय से 15 मिनट ज्यादा काम करने पर भी कर्मचारी ओवरटाइम के लिए पात्र माने जाएंगे।
श्रम मंत्रालय ने चारों संहिताओं को अप्रैल से लागू करने की योजना बनाई है। मंत्रालय ने श्रम कानूनों में सुधार के लिए कुल 44 तरह के पुराने श्रम कानूनों को चार वृहद संहिताओं में समाहित किया है और उन्हें लागू करने की प्रक्रिया के आखिरी चरण में है।
मजदूरी की नई परिभाषा पिछले साल संसद द्वारा पारित मजदूरी संहिता, 2019 का हिस्सा है। सरकार एक अप्रैल 2021 से तीन अन्य संहिताओं के साथ इसे भी लागू करना चाहती है। नई परिभाषा के अनुसार किसी कर्मचारी के भत्ते, कुल वेतन के 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकते।
कांग्रेस ने ‘पेशेवर सुरक्षा, स्वास्थ्य व काम करने की स्थिति (ओएसएच) संहिता- 2020’ से संबंधित प्रस्तावित नए नियमों को ‘श्रमिक विरोधी’ करार देते हुए सोमवार को कहा कि सरकार को इनपर पुनर्विचार करना चाहिए तथा सभी श्रमिक संगठनों के साथ विचार-विमर्श करना चाहिए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सारी फाइलों का निष्पादन ‘पहले आओ, पहले पाओ‘ के आधार पर होना चाहिए। अगर कुछ ही फाइलों को आगे बढ़ाने तथा शेष को रोकने के मामले सामने आए, तो अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संसद ने बुधवार को तीन प्रमुख श्रम सुधार विधेयकों को मंजूरी दे दी, जिनके तहत कंपनियों को बंद करने की बाधाएं खत्म होंगी और अधिकतम 300 कर्मचारियों वाली कंपनियों को सरकार की इजाजत के बिना कर्मचारियों को हटाने की अनुमति होगी।
मजदूरों को बेहतर स्वास्थ्य, नौकरी छूटने पर राहत, और शिकायतों के जल्द निपटारे के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सरकार के मुताबिक इससे मजदूरों का जीवन और बेहतर बनाया जा सकेगा।
श्रम पर संसद की स्थायी समिति ने शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष को सामाजिक सुरक्षा संहिता पर अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपी, जो श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा से संबंधित नौ कानूनों की जगह लेगी।
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