मुख्यमंत्री साय के सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। भारत सरकार ने 18 जुलाई 2025 को चावल उपार्जन लक्ष्य को 70 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन कर दिया है।
गेहूं और चावल की मौजूदा खरीद से सरकारी भंडारों में खाद्यान्न का पर्याप्त भंडार बना हुआ है।
हरियाणा और पंजाब के किसान अपना अघिकतर गेहूं और धान सरकार को समर्थन मूल्य पर बेचते हैं, बावजूद इसके आंदोलन कर रहे हैं और सरकार से MSP को कानूनी रूप से लागू करने की मांग कर रहे हैं
अबतक जो 350.28 लाख टन धान की खरीद हुई है उसमें सबसे अधिक पंजाब से 176.61 लाख टन, हरियाणा से 59.20 लाख टन और छत्तीसगढ़ से 33.32 लाख टन की खरीद हुई है
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