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बिजनौर डीएम पर हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना का आरोप, लखनऊ बेंच ने जारी किया वारंट

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Nov 21, 2025 11:55 pm IST,  Updated : Nov 21, 2025 11:55 pm IST

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच से जारी किए गए वारंट में कहा गया है कि बिजनौर डीएम ने बिना जांच किए ही जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया था। इस मामले में उन्हें 5 जनवरी को हर हाल में पेश होना होगा।

Jasjit Kaur- India TV Hindi
बिजनौर डीएम जसजीत कौर Image Source : REPORTER INPUT

उत्तर प्रदेश के बिजनौर की डीएम जसजीत कौर के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया गया है। प्रयागराज हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने डीएम के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने डीएम जसजीत कौर को 5 जनवरी 2026 को हर हाल में पेश करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अवमानना मामले में डीएम जसजीत कौर पर कड़ी कार्रवाई की है। धनगर समाज के विक्रम सिंह की याचिका पर सुनवाई के दौरान डीएम के खिलाफ वारंट जारी किया गया।

डीएम पर आरोप है कि उन्होंने बिना जांच किए जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया था। इस आरोप में डीएम पर संकट गहरा गया है। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कहा कि डीएम ने आदेशों की अनदेखी की। यह गंभीर उदासीनता है।

डीएम की अनुपस्थिति पर भड़के जज

जस्टिस मनीष कुमार की बेंच ने डीएम बिजनौर पर सख्त रुख अपनाया और समाज कल्याण अधिकारी के जरिए जवाब भेजने पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। डीएम जसजीत कौर खुद कोर्ट में उपस्थित नहीं हुई थीं। इसी वजह से जज भड़क गए। उन्होंने 5 जनवरी की अगली सुनवाई से पहले डीएम को बिजनौर प्रयागराज हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने का फरमान जारी किया है।

क्या है मामला?

बिजनौर जिले के धामपुर के रहने वाले विक्रम सिंह धनगर का जाति प्रमाण पत्र उनके रिटायरमेंट से सिर्फ आठ दिन पहले निरस्त कर दिया गया था। इस आदेश के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने डीएम को सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों के आधार पर और समाज कल्याण विभाग की विजिलेंस जांच के बाद मामले का निस्तारण करने का निर्देश दिया। आरोप है कि डीएम जसजीत कौर ने बिना किसी जांच के एकतरफा आदेश जारी कर दिया। विक्रम सिंह धनगर ने इसी आदेश को चुनौती देते हुए कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की। इसी याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने डीएम को पेश होकर जवाब देने कए लिए कहा था, लेकिन उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी के जरिए जवाब भेज दिया। इस पर कोर्ट ने वारंट जारी करते हुए अगली सुनवाई में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।

(बिजनौर से रोहित त्रिपाठी की रिपोर्ट)

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