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बुलंदशहर: मुस्लिम बहुल इलाके में मिला मंदिर, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने की सफाई, 1992 से वीरान था

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Dec 22, 2024 10:06 am IST,  Updated : Dec 22, 2024 10:06 am IST

1992 में हुए दंगों के बाद यहां के लोग पूरा मोहल्ला खाली कर चले गए थे। इसके बाद से मंदिर वीरान पड़ा था। सालों बाद विश्व हिंदू परिषद के लोगों ने मंदिर की साफ सफाई की।

Bulandshahar temple- India TV Hindi
बुलंदशहर मंदिर Image Source : INDIA TV

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में प्राचीन मंदिर पाया गया है। यह मंदिर मुस्लिम बहुल इलाके में पाया गया है। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने मंदिर की साफ सफाई की और एडीएम अभिषेक सिंह को ज्ञापन सौंपा। यह मंदिर खुर्जा कोतवाली नगर क्षेत्र के सलमा हाकान मोहल्ले में मिला है। बुलंदशहर में 1992 में दंगे हुए थे। इसी दौरान इस मोहल्ले में रहने वाले हिंदू लोग पलायन कर गए थे। 1992 में हिंदू लोगों के मोहल्ला छोड़ने के बाद से यह मंदिर वीरान पड़ा था। 42 साल बाद इस मंदिर की साफ सफाई हुई है। अब यहां फिर से पूजा शुरू हो सकती है।

 
बुलंदशहर से पहले उत्तर प्रदेश के ही संभल में प्राचीन मंदिर मिला था। यह मंदिर मिलने के बाद अन्य शहरों में भी वीरान पड़े मंदिरों की खोज शुरू हुई। कानपुर की मेयर खुद मंदिर खोजने निकली थीं। 

एएसआई ने किया संभल के कल्कि विष्णु मंदिर में सर्वेक्षण

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की एक टीम ने शनिवार को 'कल्कि विष्णु' मंदिर परिसर में एक पुराने कुएं का निरीक्षण किया। इससे एक दिन पहले एएसआई ने जिले में हाल ही में खोजे गए एक मंदिर का सर्वेक्षण किया था। प्राचीन ‘कल्कि विष्णु' मंदिर के पंडित महेंद्र प्रसाद शर्मा ने कहा कि यह अच्छी बात है कि सर्वेक्षण टीम यहां आई है। शर्मा ने कहा, "यहां एक 'कृष कूप' (कुआं) है। यह बंद नहीं है, लेकिन इसमें पानी नहीं है। इस कुएं का वर्णन स्कंद पुराण में भी है, संभल के सभी तीर्थ स्थलों का वर्णन स्कंद पुराण में है, और स्कंद पुराण के वराह खंड में भी कल्कि मंदिर का पूरा वर्णन है, यह कुआं मंदिर परिसर के अंदर ही है, यह पुरानी बाउंड्री के अंदर था।" 

15 मिनट रुकी एएसआई की टीम

संभल की उपजिलाधिकारी वंदना मिश्रा ने बताया, ‘‘एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) की एक टीम 'प्राचीन कल्कि विष्णु' मंदिर आई थी। यहां एक 'कृष्य कूप' है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह एक प्राचीन कुआं है। टीम वहां करीब 15 मिनट तक रुकी और उन्होंने मंदिर का भी दौरा किया।’’ एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शनिवार का घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह एएसआई की चार सदस्यीय टीम द्वारा हाल ही में खोजे गए श्री कार्तिक महादेव मंदिर, पांच 'तीर्थ' (तीर्थ स्थल) और 19 'कूपों' (कुओं) का सर्वेक्षण करने के एक दिन बाद हुआ है। 

पांच तीर्थ स्थलों और 19 कूपों का सर्वेक्षण

संभल के जिलाधिकारी (डीएम) राजेंद्र पेंसिया ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि, "एएसआई की चार सदस्यीय टीम ने सुबह सर्वेक्षण शुरू किया। यह सर्वेक्षण दोपहर साढ़े तीन बजे तक जारी रहा। इसमें एएसआई टीम ने संभल के पांच तीर्थ स्थलों और 19 कूपों का सर्वेक्षण किया। इन सभी जगह की माप हमने पहले ही करा ली थी, लेकिन एएसआई ने आज सर्वे किया है। इन कुओं में चतुर्मुख कूप, मोक्ष कूप, धर्म कूप समेत 19 कुओं और भद्रक आश्रम, स्वर्गदीप और चक्रपाणि समेत पांच तीर्थ स्थलों का सर्वेक्षण किया गया। इसके साथ ही, जो नया मंदिर (कार्तिक महादेव) मिला है, उसका भी एएसआई ने सर्वेक्षण किया है। हमने इन सभी स्थानों की पहले ही माप कर ली थी, लेकिन एएसआई ने आज सर्वेक्षण किया।" 

कुएं में मिलीं तीन खंडित मूर्तियां 

अधिकारियों ने सोमवार को बताया था संभल जिले में 46 वर्षों तक बंद रहने के बाद पिछले सप्ताह खोले गये भस्म शंकर मंदिर के कुएं में तीन खंडित मूर्तियां मिली हैं। श्री कार्तिक महादेव मंदिर (भस्म शंकर मंदिर) को 13 दिसंबर को पुनः खोल दिया गया था। अधिकारियों ने कहा था कि अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान उन्हें यह ढांचा मिला था। मंदिर में भगवान हनुमान की मूर्ति और शिवलिंग स्थापित था। यह 1978 से बंद था। मंदिर के पास एक कुआं भी है जिसे अधिकारियों ने फिर से खोलने की योजना बनाई थी।

(बुलंदशहर से वरुण शर्मा की रिपोर्ट)

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