ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में FIR दर्ज की गई है। शंकराचार्य पर नाबालिग लड़कों के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। प्रयागराज के झूंसी पुलिस स्टेशन में अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।
हम जांच के लिए तैयार
अपने आरोपों पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का बयान सामने आया है। वाराणसी में अपने मठ पर अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, 'हम लोग निश्चिंत हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जो पुलिस आ रही है, वह आए और हम जांच के लिए तैयार हैं।'
झूठा है मुकदमा
उन्होंने कहा, 'गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है। मुकदमा झूठा है। हम कहीं भाग नहीं रहे हैं। पुलिस का विरोध नहीं करेंगे। जनता सब जानती है। तीन कोर्ट हैं। निचली कोर्ट, हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट ईश्वर है। आज नहीं तो कल सच सामने आ जाएगा।'
जो शिकायत कर रहा, वो हिस्ट्रीशीटर- शंकराचार्य
शंकराचार्य ने कहा कि माघ मेले में तो इतने सीसीटीवी कैमरे लगे थे। वहां पर मीडिया थी। ऐसा कैसे हो सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा, 'जो शिकायत कर रहा है, वो हिस्ट्रीशीटर है। कोर्ट भी उसकी सुन रहा है, शंकराचार्य की नहीं सुनी जा रही है।'
प्रयागराज में चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी
अपने आरोपों पर बोलते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, 'प्रयागराज में तो चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। गुरुकुल में कभी वो लड़के पढ़े ही नहीं, बच्चे क्या सीडी बना रहे थे। सिर्फ अखिलेश यादव नहीं बाकी सब कह रहे हैं कि मेरे साथ गलत हो रहा है। मैं बैठा हूं, पुलिस को पूरा सहयोग करूंगा।'
जानिए क्या है मामला
बता दें कि ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर बाल यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं। यूपी की प्रयागराज पुलिस ने उनके खिलाफ और उनके एक शिष्य स्वामी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ है केस
यह मामला प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज हुआ है, जहां पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं (3, 4(2), 5, 6, 16, 17) के साथ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं (जैसे 351(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। एफआईआर में 2-3 अज्ञात व्यक्तियों का भी नाम शामिल है।
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