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"त्योहारों में दूसरे धर्म की भावनाओं को पहुंचे ठेस, ऐसी नई परंपरा न शुरू की जाए," सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिया बयान

 Edited By: Avinash Rai @RaisahabUp61
 Published : Jul 16, 2024 06:27 am IST,  Updated : Jul 16, 2024 06:27 am IST

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान दूसरे भावनाओं को ठेस पहुंचाने को लेकर नई परंपरा नहीं शुरू की जानी चाहिए। इस दौरान अलग-अलग मुद्दों को लेकर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश भी दिया।

CM Yogi Adityanath said Such new traditions should not be started that hurt the sentiments of other - India TV Hindi
सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान Image Source : PTI

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि त्योहारों में ऐसी कोई नई परंपरा नहीं होनी चाहिए, जिससे दूसरे धर्म के लोगों की भावनाएं आहत हों। आदित्यनाथ ने सोमवार शाम एक उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा, "त्योहारों के दौरान आम जनता को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। धार्मिक आस्था का सम्मान किया जाए, लेकिन इससे परंपरा का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। ऐसी कोई घटना नहीं होनी चाहिए, जिससे दूसरे धर्म के लोगों की भावनाएं आहत हों। धार्मिक आयोजनों के नाम पर अराजकता बर्दाश्त नहीं की जा सकती।" 

अधिकारियों को सीएम योगी का निर्देश

उन्होंने अधिकारियों से कहा, "अराजक तत्वों से सख्ती से निपटें। स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं, ताकि हर त्योहार शांति और सौहार्द के साथ मनाया जा सके।" मुख्यमंत्री ने बैठक में बाढ़ के कारण आम जनता की सुरक्षा और सुविधा के साथ-साथ कृषि फसलों और पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चल रहे प्रयासों की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में बाढ़, बिजली गिरने या डूबने से कई इलाकों में जान-माल के नुकसान की दुखद खबरें आई हैं, यह सहायता और करुणा का समय है, ऐसे में प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान की जानी चाहिए। 

सीएम योगी ने कहा- बाढ़ पीड़ितों के साथ सम्मान से पेश आएं

आदित्यनाथ ने कहा कि सभी कर्मियों को बाढ़ पीड़ितों के साथ दया और सम्मान से पेश आना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में बाढ़ से फसलें नष्ट हो गई हैं, नदियों में जमीन कट गई है या घरेलू सामान बह गया है, उन्हें 24 घंटे के भीतर सहायता प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के सभी अस्पतालों में ‘एंटी-स्नेक वेनम (सर्पदंश विरोधी दवा)’ और ‘एंटी-रेबीज इंजेक्शन’ की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, "हमें बाढ़ और जलभराव दोनों मुद्दों को हल करने के लिए ठोस प्रयास करने की जरूरत है। शहरी बाढ़ की संभावना को देखते हुए इन क्षेत्रों में नालों की सफाई करना और यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि निचले इलाकों से पानी निकालने के लिए ‘पंपिंग स्टेशन’ चालू रहें।" 

(इनपुट-भाषा)

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