उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के थाना सदर क्षेत्र के अंतर्गत सिविल लाइंस स्थित केनरा बैंक की शाखा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां बैंक की सुरक्षा में तैनात 42 वर्षीय सिपाही अजीत सिंह की ड्यूटी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। शुरुआती जांच में मामला खुदकुशी का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की गहनता से जांच कर रही है।
अपर पुलिस अधीक्षक (एसपी सिटी) राजीव कुमार सिंह ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मूल रूप से एटा के पिलुआ थाना क्षेत्र के मड़ुआ गांव के रहने वाले सिपाही अजीत सिंह पिछले 12 वर्षों से इस बैंक शाखा में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। शनिवार की रात अजीत सिंह के साथ एक अन्य सिपाही भी ड्यूटी पर मौजूद था। साथी सिपाही के बयानों के मुताबिक, रात करीब 9:00 बजे अचानक गोली चलने की जोरदार आवाज सुनाई दी। जब साथी सिपाही भागकर अंदर गया, तो अजीत सिंह खून से लथपथ हालत में जमीन पर पड़ा था।
सरकारी राइफल से ही चली थी गोली
अजीत की सरकारी राइफल उसकी गर्दन से सटी हुई थी। गोली अजीत की सरकारी राइफल से ही चली थी, जो उसकी गर्दन को चीरती हुई आर-पार हो गई। सिपाही को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह के अनुसार, प्राथमिक जांच और घटनाक्रम को देखकर यह पहली नजर में आत्महत्या का मामला लग रहा है। शुरुआती तफ्तीश में यह भी सामने आया है कि अजीत सिंह पिछले कुछ समय से गंभीर पारिवारिक कारणों के चलते मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। मृतक सिपाही फिलहाल मथुरा के ही हाईवे थाना क्षेत्र की बालाजी पुरम कॉलोनी में रह रहा था।
मोबाइल और राइफल जब्त, जांच जारी
पुलिस ने घटनास्थल से सिपाही अजीत सिंह की सरकारी राइफल और उसका मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है। मोबाइल के कॉल डिटेल्स और मैसेज खंगाले जा रहे हैं ताकि मानसिक तनाव की सही वजह का पता लगाया जा सके। फिलहाल थाना प्रभारी त्रिपुरारी कौशिक को मामले की कमान सौंपी गई है और वह इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रहे हैं।
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