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नए साल से पहले काशी विश्वनाथ मंदिर में भीड़, स्पर्श दर्शन और प्रोटोकॉल पर रोक, ड्रोन से हो रही मॉनीटरिंग

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Dec 29, 2025 02:37 pm IST,  Updated : Dec 29, 2025 02:37 pm IST

भारी भीड़ की वजह से कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर की ड्रोन से निगरानी हो रही है। 31 दिसंबर और एक जनवरी को काशी विश्वनाथ मंदिर जाने वाले रास्तों पर किसी भी वाहन को आने-जाने की अनुमति नहीं है।

VaranaSi- India TV Hindi
वाराणसी में भारी भीड़ Image Source : REPORTER INPUT

वाराणसी के मंदिरों में इन दिनों भक्तों कि भारी भीड़ हो रही है। हालत ऐसे हैं कि काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए स्पर्श दर्शन पर 2 जनवरी 2026 तक के लिए रोक लगा दी है। इसके साथ ही सभी तरीके के प्रोटोकॉल भी बंद कर दिए गए हैं। मंदिर प्रशासन ने विशिष्ट और अति विशिष्ट लोगों से अनुरोध किया है कि वो वर्तमान कि संख्या को देखते हुए कोई अनुरोध मंदिर प्रशासन को न भेजें। भक्तों की बढ़ी हुई संख्या को देख यह कहा जा सकता है कि हालत महाकुंभ जैसे हो चुके हैं, जिसे लेकर पुलिस और प्रशासन ने भी कमर कस ली है।

मंदिर से लेकर गंगा आरती के स्थान तक ड्रोन से मॉनीटरिंग कराई जा रही है। इसके साथ ही बैरिकेटिंग लगा कर लोगों को दर्शन कराया जा रहा है। रूट डाइवर्जन किया गया है। 31 दिसंबर और 1 जनवरी को काशी विश्वनाथ मंदिर जाने वाले रास्तों पर किसी भी वाहन को नहीं जाने दिया जाएगा। नव वर्ष 2026 के दिन काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा आरती में शामिल होने के लिए लोग वाराणसी पहुंच चुके हैं। प्रशासन के अनुसार 25 दिसंबर से ही लोग लाखों की संख्या में रोजाना बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर रहे हैं और दशाश्वमेघ कि गंगा आरती में भी शामिल हो रहे हैं। नजारा महा कुम्भ जैसा दिखाई दे रहा है। 

प्रशासन ने की पूरी तैयारी

दशाश्वमेघ के एसीपी ने बताया कि रोजाना लाखों कि संख्या में लोग काशी पहुंच रहे हैं, जिनकी सुरक्षा के लिए बैरिकेटिंग की गई है। शहर के कई हिस्सों मे डाइवर्जन किया गया है। पीए सिस्टम से अनाउंसमेंट कराया जा रहा है। गोदौलिया चौराहे पर कंटोल रूम बनाया जा रहा है, जहां सीसीटीवी के जरिए घाटों से लेकर मंदिर और संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखी जाएगी। ड्रोन से एरियल सर्विलांस कराया जा रहा है, नाविकों के साथ बैठक करके सभी को लाइफ सेविंग जैकेट के बाद ही नाव यात्रा कराने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मिडिया पर पैनी नजर है। इसके साथ ही पीएसी, सिविल फोर्स, पैरामिलिट्री फोर्स के आलावा सादे वेश में भी सुरक्षा अधिकारियो की तैनाती की गई है।

अलग-अलग जोन में बंटे प्रवेश और निकास द्वार

काशी विश्वनाथ मंदिर के चारों प्रवेश और निकास द्वार अलग -अलग जोन मे बांट दिए गए हैं। गेट नंबर 1 ढूंढीराज से प्रवेश के साथ निकास कि व्यवस्था बनाई गई है तो गेट नंबर 2 सरस्वती फाटक में भी यही व्यवस्था है। गेट नंबर 3 गंगा द्वार से प्रवेश के लिए मंदिर परिसर तक बैरिकेटिंग में प्रवेश करा कर सुगम दर्शन कराया जा रहा है। गेट नंबर 4 मुख्य वीआईपी गेट से तीन अलग-अलग द्वार बनाए गए हैं। गोदौलिया से आने वाले भक्त नंदूफरिया गेट से एंट्री लेंगे तो काशी वासियो के लिए अलग एंट्री है। वहीं, चौक थाने कि ओर से आने वालों को गेट नंबर 4-B से मंदिर परिसर मे भेजा जा रहा है। 

मंदिर के सीईओ ने दी जानकारी

मंदिर के सीईओ विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि बीते 24 दिसम्बर से भक्तों की संख्या बढ़ गई है। ऐसे में सुविधा जनक दर्शन के लिए कई निर्णय लिए गए हैं। दो जनवरी तक मंदिर में बाबा के स्पर्श दर्शन पर रोक रहेगी। किसी भी प्रकार का प्रोटोकॉल स्वीकार नहीं किया जायेगा। भारी संख्या में आए श्रद्धालुओं कि सुविधा के लिए विशिष्ट व्यवस्था नहीं की जाएगी।

(वाराणसी से अश्विनी त्रिपाठी की रिपोर्ट)

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