बलियाः उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के दोकटी थाना क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर न केवल लोगों को धोखा दिया बल्कि एक युवती से शादी भी कर ली। मामला तब उजागर हुआ जब पीड़िता को युवक की सच्चाई का पता चला और उसने पुलिस से इसकी शिकायत की। शिकायत के बाद दोकटी थाने की पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी की पहचान सुधीर कुमार राम के रूप में हुई है, जो बलिया जिले के हृदयपुर गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी के पास से आईपीएस की नकली वर्दी, आईडी कार्ड, आधार कार्ड, स्टार, अशोक स्तंभ और एक टैबलेट बरामद किया है। आरोपी लंबे समय से खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों को भ्रमित कर रहा था।
लड़की को इस वजह से हुआ शक
सूत्रों के अनुसार, आरोपी सुधीर कुमार ने सोशल मीडिया और व्यक्तिगत संपर्कों के जरिए एक लड़की से पहचान बढ़ाई और फिर खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर शादी कर ली। शादी के कुछ समय बाद ही लड़की को उसके व्यवहार और दस्तावेजों पर शक हुआ। जब उसने आरोपी की जांच करवाई, तो पूरा सच सामने आ गया कि युवक किसी भी सरकारी सेवा में नहीं है और उसने आईपीएस का झूठा दावा कर रखा था।
जैसे ही मामला दोकटी पुलिस के संज्ञान में आया, उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुखबिर की सूचना पर आरोपी को धर-दबोचा। आरोपी से बरामद सभी दस्तावेज और सामग्री की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने धोखाधड़ी की नीयत से सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों का विश्वास जीता और शादी जैसी संस्था का भी मजाक बनाया। इस पूरे प्रकरण ने स्थानीय लोगों में भी आक्रोश फैला दिया है।
आरोपी को भेजा गया जेल
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है, जिसमें धोखाधड़ी, जालसाजी और सरकारी पद की गलत पहचान का इस्तेमाल शामिल है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इस मामले पर CO बैरिया मोहम्मद फहीम कुरैशी ने बताया कि, “एक युवक द्वारा खुद को आईपीएस बताकर शादी करने और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की शिकायत मिली थी। जांच के बाद मामला सही पाया गया। आरोपी से वर्दी, आईडी कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। उसे गिरफ्तार कर कोर्ट भेज दिया गया है।” इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि फर्जी पहचान और सोशल मीडिया के ज़रिए लोगों को कैसे आसानी से गुमराह किया जा रहा है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने इसी तरह किसी और को भी ठगा है।
रिपोर्ट- अमित कुमार, बलिया