गौतम बुद्ध नगर: यूपी के गौतम बुद्ध नगर जिले में औद्योगिक शांति बनी रहे इस उद्देश्य से जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर ने जनपद के श्रमिक भाइयों एवं बहनों से अपील करते हुए कहा कि विगत 2 से 3 दिवसों में जनपद की औद्योगिक इकाइयों के साथ बैठक करते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जिनका जनपद की सभी औद्योगिक इकाइयों में कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
ओवरटाइम पर भुगतान होगा दोगुना
जिलाधिकारी ने बताया कि श्रमिकों को ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से किया जाएगा। उसमें कोई कटौती नहीं की जाएगी। प्रत्येक श्रमिक को साप्ताहिक अवकाश प्रदान किया जाएगा। यदि रविवार को कार्य कराया जाता है, तो उसका भुगतान भी दोगुनी दर से किया जाएगा।
बैंक खाते में सीधे भेजा जाएगा बोनस
सभी श्रमिकों को नियमानुसार, बोनस का भुगतान अधिकतम 30 नवंबर तक उनके बैंक खातों में किया जाएगा। प्रत्येक कारखाने में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति गठित की जाएगी, जिसकी अध्यक्ष महिला ही होगी। शिकायत पेटी स्थापित की जाएगी तथा श्रमिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाएगा।
हर महीने की 10 तारीख तक सैलरी देना अनिवार्य
प्रत्येक श्रमिक का वेतन प्रत्येक माह की 10 तारीख के भीतर एकमुश्त भुगतान किया जाएगा। सभी श्रमिकों को वेतन पर्ची अनिवार्य रूप से प्रदान की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि श्रमिकों के वेलफेयर एवं शान्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु एक कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसके नंबर है 120-2978231, 120-2978232, 120-2978862, 120-2978702
कंट्रोल रूप में कर सकते हैं हर प्रकार की शिकायत
इस कंट्रोल रूम के माध्यम से श्रमिक अपनी किसी भी प्रकार की समस्या, शिकायत अथवा सूचना दर्ज करा सकते हैं। जिलाधिकारी ने सभी श्रमिकों से अपील की है कि वे शांतिपूर्वक अपने-अपने कार्यस्थलों पर पहुंचकर कार्य करें। किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाहों पर ध्यान न दें तथा जिले में सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई संपन्न
बता दें कि जिले में औद्योगिक शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से आज नोएडा विकास प्राधिकरण, सेक्टर-06, नोएडा के सभागार में नोएडा विकास प्राधिकरण, पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन एवं सेवायोजक/कारखाना प्रबंधन के मध्य एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करूणेश, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेधा रूपम सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
प्रमुख सचिव (श्रम) उत्तर प्रदेश एम के एस सुंदरम एवं श्रम आयुक्त उत्तर प्रदेश मार्कण्डेय शाही द्वारा वर्चुअल मोड के माध्यम से बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों एवं उद्यमियों दोनों के हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। औद्योगिक शांति एवं श्रमिक कल्याण सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रमुख सचिव (श्रम) उत्तर प्रदेश बताया कि नवीन श्रम संहिताओं के अंतर्गत श्रमिकों के हित में अनेक महत्वपूर्ण प्रावधान लागू किए जा रहे हैं, जिनमें न्यूनतम वेतन की गारंटी, समयबद्ध एवं पूर्ण वेतन भुगतान, समान कार्य हेतु समान वेतन, ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान, कार्य समय का नियमन, शोषण पर रोक, सामाजिक सुरक्षा (ईपीएफ एवं ईएसआई), ग्रेच्युटी, तथा असंगठित एवं गिग श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में शामिल करना प्रमुख है। इसके अतिरिक्त रोजगार सुरक्षा, छंटनी की स्थिति में विधिक मुआवजा, नोटिस अथवा नोटिस वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल, साप्ताहिक अवकाश, महिला श्रमिकों के लिए विशेष प्रावधान तथा शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। किसी भी प्रकार के शोषण पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
श्रम आयुक्त उत्तर प्रदेश द्वारा यह भी अपील की गई कि सभी संबंधित पक्ष केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही विश्वास करें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक संदेश अथवा सोशल मीडिया की अपुष्ट जानकारी से दूर रहें। कार्यस्थलों पर शांति, अनुशासन एवं सौहार्द बनाए रखते हुए किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित श्रम अधिकारी/कार्यालय से तत्काल संपर्क किया जाए।
अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी औद्योगिक इकाइयां शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें तथा श्रमिकों के साथ समन्वय बनाए रखते हुए समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान करें।
पुलिस आयुक्त ने जनपद में कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने हेतु सभी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही तथा अव्यवस्था अथवा अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन श्रमिकों के हितों की रक्षा हेतु पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने सेवायोजक/कारखाना प्रबंधन को निर्देशित किया कि शासन द्वारा निर्गत गाइडलाइंस को प्रत्येक इकाई के नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से चस्पा किया जाए, जिससे श्रमिकों में किसी प्रकार का भ्रम उत्पन्न न हो।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जो श्रमिक कार्य करना चाहते हैं, उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। श्रमिको से कारखाना प्रबंधन द्वारा सौहार्दपूर्ण संवाद स्थापित कर शासन की गाइडलाइंस के अनुरूप समुचित जानकारी उपलब्ध कराई जाए। सभी कारखानों के मुख्य द्वार पर श्रमिकों के वेलफेयर हेतु सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील अवस्था में रखने के भी निर्देश दिए गए।
उन्होंने बताया कि श्रमिकों के वेलफेयर एवं जनपद में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इस कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 1202978231, 1202978232, 1202978862, 1202978702 पर औद्योगिक इकाइयां एवं श्रमिक अपनी किसी भी समस्या की सूचना दे सकते हैं, जिससे त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को औद्योगिक इकाइयों का नियमित निरीक्षण कर श्रमिकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा श्रमिकों एवं प्रबंधन के मध्य सतत संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए, जिससे किसी भी विवाद की स्थिति को प्रारंभिक स्तर पर ही समाप्त किया जा सके।
जिलाधिकारी ने समस्त श्रमिकों से अपील की कि वे संयम, अनुशासन एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखते हुए अपने-अपने कार्यस्थलों पर पूरी निष्ठा के साथ कार्य करें तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या अफवाह से दूर रहें। उन्होंने कहा कि केवल अधिकृत एवं प्रमाणित सूचनाओं पर ही विश्वास करें। जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन निष्पक्ष, पारदर्शी एवं संवेदनशील तरीके से कार्य करते हुए सभी पक्षों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करेगा, जिससे जनपद में औद्योगिक गतिविधियां निर्बाध, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित रूप से संचालित होती रहें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार, उप जिलाधिकारी दादरी अनुज नेहरा, अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी संबंधित जिला स्तरीय अधिकारीगण एवं अध्यक्ष नोएडा एंटरप्रिन्योर एसोसिएशन नितिन मल्हन, अध्यक्ष नोएडा अप्रैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर ललित ठुकराल व संबंधित उद्यमी उपस्थित रहे।