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बंगाल में ममता बनर्जी को बड़ा झटका, सांसद काकोली घोष ने TMC के सभी पदों से दिया इस्तीफा

 Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : May 27, 2026 03:27 pm IST,  Updated : May 27, 2026 03:51 pm IST

पश्चिम बंगाल में सरकार बदलते ही ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है। बारासात से टीएमसी सांसद काकली घोष दस्तीदार ने महिला तृणमूल चेयरपर्सन और दूसरे पदों से इस्तीफा दे दिया है।

सांसद काकोली घोष दस्तीदार - India TV Hindi
सांसद काकोली घोष दस्तीदार। फाइल Image Source : ANI

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेतृत्व के प्रति सार्वजनिक रूप से निराशा व्यक्त करने वाली लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बुधवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। सांसद काकोली घोष दस्तीदार हाल ही में टीएमसी के प्रमुख कार्यक्रमों से अनुपस्थित रहीं और उन्होंने पार्टी के आंतरिक कामकाज पर भी असंतोष व्यक्त किया था। दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है, हालांकि वह सांसद बनी रहेंगी।

काकोली घोष दस्तीदार ने इस्तीफे में क्या लिखा

काकोली घोष ने अपने इस्तीफे में लिखा, गहन भावनात्मक संघर्ष और लंबे चिंतन के बाद, मैं यह पत्र लिखने के लिए विवश हूं। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने मुझे मेरे लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान जनता के साथ काम करने का जो सम्मान, जिम्मेदारी और अवसर दिया है, उसके लिए मैं तहे दिल से आभारी हूं। विशेष रूप से, महिला तृणमूल चेयरपर्सन के रूप में कार्य करने का अवसर मेरे राजनीतिक जीवन का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। लेकिन मुझे अत्यंत दुख और चिंता के साथ यह घोषणा करनी पड़ रही है कि मैंने अखिल भारतीय तृणमूल महिला कांग्रेस के अध्यक्ष पद और पार्टी के अन्य संगठनात्मक पदों, समितियों और जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया है। मुझे क्षमा करें, ऐसे पद पर बने रहना उचित नहीं है जहां एक महिला सांसद किसी अन्य अशिक्षित, असभ्य पार्टी सांसद के अभद्र व्यवहार को रोक न सके या वरिष्ठ नेतृत्व का सहयोग और सहानुभूति प्राप्त न कर सके।

भ्रष्टाचार का भी लगाया आरोप

पिछले एक दशक में पश्चिम बंगाल और पार्टी से जुड़े कई गंभीर आरोप और घटनाएं सामने आई हैं आज मेरा अंतरात्मा अत्यंत विचलित है। राशन भ्रष्टाचार और शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार सहित कई वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं ने आम जनता के मन में गहरा आक्रोश और अविश्वास पैदा कर दिया है। इसके अलावा, आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज में पीजीटी डॉक्टर की दुखद मृत्यु और उस घटना को दबाने के संभावित आरोपों ने पूरे समाज को पीड़ा और स्तब्ध कर दिया है। मैंने व्यक्तिगत रूप से इन सभी घटनाओं के नैतिक प्रभाव को गहराई से महसूस किया है।

साथ ही, आईपीएसी से जुड़े विभिन्न व्यक्तियों और समूहों द्वारा लगाए गए कई चिंताजनक आरोपों से मैं व्याकुल हूं। मेरा मानना है कि यदि लोकतांत्रिक राजनीतिक संस्कृति के स्थान पर अपारदर्शी और अलोकतांत्रिक प्रभाव धीरे-धीरे संगठन पर हावी हो जाता है, तो यह पार्टी की विचारधारा और परंपरा के लिए अच्छा नहीं हो सकता।

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