कानपुर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब भीषण गर्मी के बीच शादी करने पहुंचे नवदंपति और उनके परिजन बदहाल नजर आए। उत्तर प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से आईटीआई ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में गर्मी से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं दिखे। हालात ऐसे रहे कि कई दूल्हा-दुल्हन शादी का सर्टिफिकेट और कागज की प्लेट को ही पंखा बनाकर खुद को राहत देने की कोशिश करते नजर आए।
कार्यक्रम में कुल 101 जोड़ों के विवाह की तैयारी थी, हालांकि 98 जोड़े ही शामिल हो सके। इनमें दो मुस्लिम जोड़े भी शामिल रहे। सुबह से शुरू हुए इस आयोजन में लोगों को तेज धूप और उमस के बीच घंटों इंतजार करना पड़ा। टेंट के नीचे लगाए गए कूलर या तो बंद पड़े थे या उनमें पानी ही नहीं था। जिन कूलरों में पानी खत्म हो गया था, वे गर्म हवा फेंकते रहे, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
नेताओं के लिए एसी की व्यवस्था
वहीं दूसरी ओर मंच पर मौजूद नेताओं और अधिकारियों के लिए अलग से एसी और कूलर की व्यवस्था की गई थी। मंच पर बैठे जनप्रतिनिधि और अफसर ठंडी हवा का आनंद लेते रहे, जबकि नीचे बैठे दूल्हा-दुल्हन और उनके परिजन पसीने से तरबतर नजर आए। इसी को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। दरअसल कार्यक्रम सुबह आठ बजे शुरू होना था, लेकिन श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर और राज्यमंत्री मनोहर लाल मन्नू कोरी के आने की संभावना को देखते हुए कार्यक्रम करीब तीन घंटे तक टाल दिया गया। बाद में दोनों मंत्रियों के न पहुंचने पर करीब 11:15 बजे विवाह कार्यक्रम शुरू कराया गया। तब तक दोपहर की तेज धूप लोगों पर कहर बनकर टूटने लगी थी।
अधिकारियों ने की आयोजन की तारीफ
फर्रुखाबाद से आए दूल्हे सहदेव ने बताया कि कई कूलर बंद पड़े थे और जिनमें पानी था, वह भी जल्द खत्म हो गया। वहीं दुल्हन अल्का ने हाथ से हवा करते हुए कहा कि गर्मी इतनी ज्यादा थी कि बैठना मुश्किल हो रहा था। लोगों को खुद ही कागज और सर्टिफिकेट से हवा करनी पड़ी। इस मामले पर कानपुर से सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि व्यवस्थाएं ठीक थीं और सुबह कूलरों में पानी भरवाया गया था। उन्होंने माना कि कार्यक्रम में देरी होने के कारण पानी खत्म हो गया। सांसद ने इसे गर्मी और मौसम का असर बताया। वहीं श्रम विभाग के अधिकारियों की इस आयोजन के लिए तारीफ की।
वायरल हो रहे वीडियो
समारोह की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें नवदंपति गर्मी से परेशान दिखाई दे रहे हैं। और अपने मैरिज सर्टिफिकेट से हवा करते नजर आ रहे हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब मंच पर बैठे नेताओं और अधिकारियों के लिए एसी की व्यवस्था हो सकती है, तो शादी करने आए गरीब परिवारों और नवदंपतियों के लिए बेहतर इंतजाम क्यों नहीं किए गए।
(कानपुर से अनुराग श्रीवास्तव की रिपोर्ट)
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