कानपुर में साइबर ठगों ने एक बार फिर 'डिजिटल अरेस्ट' की नई स्क्रिप्ट का इस्तेमाल करते हुए एक महिला को अपना शिकार बनाया। 9 से 11 नवंबर के बीच हुई इस घटना में ठगों ने खुद को उत्तर प्रदेश एटीएस (एंटी टेररिज्म स्क्वायड) का अधिकारी बताकर महिला को फोन किया और दावा किया कि उनका मोबाइल नंबर हाल ही में दिल्ली में हुए धमाके से जुड़े आतंकी गतिविधियों में ट्रेस हुआ है।
पूरे परिवार को गिरफ्तार करने की धमकी
डराने-धमकाने की रणनीति अपनाते हुए ठगों ने महिला को 'डिजिटल अरेस्ट' में लेने की बात कही और कहा कि अगर तुरंत सहयोग नहीं किया गया तो पूरे परिवार को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लगातार कई घंटों तक वीडियो कॉल पर डराते रहे और अंततः महिला ने दबाव में आकर RTGS के जरिए ठगों के खाते में 6 लाख 66 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
सेम इसी पैटर्न पर एक और युवक को आया कॉल
पुलिस को शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है। वहीं, एक और युवक को दिल्ली ब्लास्ट के नाम पर डिजिटल अरेस्ट करने का प्रयास किया गया। युवक की चतुराई की वजह से उसके साथ फ्रॉड होने से बच गया।
और कई मामले आ सकते हैं सामने
वहीं, इस पूरे मामले में आशंका जताई जा रही है कि साइबर फ्रॉड गैंग दिल्ली में हाल ही में हुए धमाके का सहारा लेकर लोगों को निशाना बना रहा है। इसी तरह के शहर में और कई मामले सामने आ सकते हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पूरे मामले में क्या बोली पुलिस?
इस संबंध में अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) आईपीएस अंजलि विश्वकर्मा ने कहा, 'यह डिजिटल अरेस्ट का एक और संगीन मामला है। ठग दिल्ली ब्लास्ट का नाम लेकर लोगों को आतंकित कर रहे हैं। पीड़िता से 6.66 लाख रुपये की ठगी की गई है। हमारी साइबर सेल की टीम मामले की गहन जांच कर रही है। जल्द ही आरोपियों तक पहुंच बनाई जाएगी, इसके साथ ही एडीसीपी ने आम जनता से अपील कि कोई भी अज्ञात व्यक्ति खुद को पुलिस या एजेंसी का अधिकारी बताकर पैसे मांगे तो तुरंत नजदीकी थाने में सूचना दें। पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने और ऐसे कॉल्स पर विश्वास न करने की सलाह दी है।'
दिल्ली धमाके से जुड़े डिजिटल अरेस्ट के बड़े मामले
केस नम्बर 1: स्वरूप नगर की रहने वाली सुनीता गौड़ को धमाके के ठीक अगले दिन कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को NIA का सीनियर अधिकारी बताया और कहा कि उनका नाम आतंकवाद से जुड़े एक बड़े केस में आ गया है। डराने-धमकाने के बाद ठग ने महिला को वीडियो कॉल पर 'डिजिटल अरेस्ट' में दिखाया और 6 लाख रुपये RTGS के जरिए ट्रांसफर करवा लिए।
केस नम्बर 2: इसी तरह रविवार को गोविंद नगर क्षेत्र के जाने-माने स्वीट हाउस कारोबारी और पूर्व पार्षद पुत्र पंकज चड्ढा के पास भी व्हाट्सऐप पर कॉल आई। नंबर था 6026473607। कॉलर ने खुद को दिल्ली धमाके की जांच से जुड़ा ATS अधिकारी बताया और पूछताछ के नाम पर दबाव बनाने लगा। पंकज को शक हुआ तो उन्होंने तुरंत कॉल काट दी और ठगी से बच गए।
केस नम्बर 3: इसी क्रम में तीसरी कॉल विजय नगर के रिटायर्ड बैंक कर्मचारी सी.के. तिवारी को आया और चंद्रकांत तिवारी को भी लगातार व्हाट्सऐप कॉल और वीडियो कॉल पर इसी पैटर्न पर डराया गया । ठग उन्हें भी आतंकवाद केस में फंसाने की धमकी दे रहे थे। जांच में पता चला कि ये सारे कॉल पश्चिम बंगाल से किए जा रहे थे। (अनुराग श्रीवास्तव की रिपोर्ट)