लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण (लव जिहाद) के आरोपों से जुड़े विवाद में राहत भरी खबर आई है। KGMU की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद सभी डॉक्टरों, संगठनों और कर्मचारियों से हड़ताल न करने की अपील की है। कुलपति की अपील के बाद माना जा रहा है कि विश्वविद्यालय में आज हड़ताल नहीं होगी। बता दें कि KGMU में हजारों मरीजों का इलाज होता है और हड़ताल की सूरत में व्यवस्था चरमरा सकती थी।
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शादी का झांसा देकर बनाए थे संबंध
पैथोलॉजी विभाग की एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने अपने साथी रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक उर्फ रमीजुद्दीन नायक पर गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़िता का दावा है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, गर्भपात करवाया और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला। विशाखा कमेटी की जांच में आरोपी को शारीरिक और मानसिक शोषण का दोषी पाया गया। इसके आधार पर उसे 22 दिसंबर को सस्पेंड कर दिया गया और कैंपस में प्रवेश पर रोक लगा दी गई। अब आरोपी की बर्खास्तगी की प्रक्रिया चल रही है। घटना के सामने आने के बाद से आरोपी फरार था, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
CM योगी ने STF को सौंपी केस की जांच
मामले पर हो रहे बवाल को देखते हए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच STF को सौंप दी है। कुलपति ने सीएम को फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट सौंपी, जिसमें कैंपस में किसी गैंग की सक्रियता पर सख्त कार्रवाई का संकेत है। विवाद तब और बढ़ा जब 9 जनवरी को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव KGMU पहुंचीं। वे कुलपति से मुलाकात करना चाहती थीं, लेकिन VC चैंबर के बाहर 10 मिनट तक इंतजार के बाद माहौल बिगड़ गया। आरोप है कि उनके साथ आए लोगों ने हंगामा किया, तोड़फोड़ की और अभद्रता की। KGMU प्रशासन ने इस बाबत चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई और अपर्णा यादव के खिलाफ FIR की मांग की।
अपर्णा यादव ने भी लगाए गंभीर आरोप
अपर्णा यादव का कहना है कि विशाखा कमेटी की रिपोर्ट में पीड़िता के धर्मांतरण के आरोप का जिक्र नहीं किया गया, और उनके साथ भी अभद्रता की गई। उन्होंने प्रशासन पर आरोपी को बचाने का आरोप लगाया। अपर्णा ने कहा कि KGMU में महिलाओं का लगातार शोषण हो रहा है और इसके अलावा भी कई अनियमितताएं हैं। मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात के बाद कुलपति ने सभी संगठनों से हड़ताल न करने की अपील की है। डॉक्टरों की समिति ने पुलिस को FIR के लिए एक और दिन यानी कि 13 जनवरी तक का समय दिया है। यदि अपर्णा यादव के खिलाफ FIR नहीं हुई, तो 14 जनवरी से इमरजेंसी के अलावा सभी OPD सेवाएं बंद रहने का ऐलान किया गया है।