1. Hindi News
  2. उत्तर प्रदेश
  3. जब ब्रिटिश पुलिस के खिलाफ जाकर किया गया सपने में दिए गए देवी मां के आदेश का पालन, पढ़िए इस मेले की दिलचस्प कहानी

जब ब्रिटिश पुलिस के खिलाफ जाकर किया गया सपने में दिए गए देवी मां के आदेश का पालन, पढ़िए इस मेले की दिलचस्प कहानी

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Apr 05, 2026 05:31 pm IST,  Updated : Apr 05, 2026 05:31 pm IST

यूपी में एक ऐसा मेला भी लगता है जिसकी कहानी देवी मां के सपने में दिए गए आदेश और उसके पालन से जुड़ी बताई जाती है। करीब एक शताब्दी पहले घटी ब्रिटिश हुकूमत के जमाने की इस अनूठी घटना और आज उसी को लेकर लगने वाले मेले के बारे में जानिए।

पढ़िए यूपी के सीतापुर...- India TV Hindi
पढ़िए यूपी के सीतापुर में लगने वाले एक सदी पुराने मेले की कहानी। Image Source : REPORTERS INPUT

सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक अजब मेला लगता है। इसकी कहानी ब्रिटिश हुकूमत के पुलिस प्रशासन के खिलाफ जाकर सपने में आई देवी मां के आदेश के पालन से जुड़ी हुई है, जिसमें 7 परिवारों ने ब्रिटिश राज में पुलिस की सख्ती के बावजूद बिना इजाजत देवी मां की प्रतिमा को एक मंदिर से दूसरे में मंदिर में स्थानांतरित किया था। इस घटना के बाद उसी स्थान पर मेला लगने लगा, जो पिछले 100 साल से भी ज्यादा समय से हर साल वैशाख के महीने में आयोजित होता है। दिलचस्प ये है कि आज भी हर साल उसी रास्ते पर प्रभात फेरी निकाली जाती है, जहां-जहां से देवी की मूर्ति को उनके सपने में दिए गए कथित आदेश के मुताबिक लाया गया था। आइए सीतापुर के खैराबाद कस्बे में लगने वाले इस अनोखे मेले और इसकी कहानी के बारे में जानते हैं।

सपने में देवी मां के आदेश पर मूर्ति का स्थानांतरण

कहानी की शुरुआत खैराबाद के रामदयाल के नींद में देखे गए एक सपने से होती है, जिसमें स्थानीय शीतलन तालाब के पास वाले मंदिर की देवी ने उन्हें अपने कष्टों के बारे में बताया। इस मंदिर के एक ओर मरघट और दूसरी तरफ पशु वध होने से उस जगह की पवित्रता भंग हो चुकी थी। देवी इससे रुष्ट थीं। सपने में देवी मां ने आदेश दिया कि मुझे यहां से ले जाकर भुइंयाताली तीर्थ पर स्थापित करो। पहले तो रामदयाल ने इस सपने को नजरअंदाज किया लेकिन बार-बार एक ही सपना आने पर उन्होंने अपने पड़ोस में रहने वाले 6 और परिवारों को साथ लिया। फिर सभी ने मिलकर वैशाख के पहले शनिवार को भुइयांताली तीर्थ पर बैठकर देवी मां की मूर्ति को स्थानांतरित करने की योजना बनाई। लेकिन ब्रिटिश राज का स्थानीय पुलिस प्रशासन इसके खिलाफ था, उसे डर था कि इससे क्षेत्र में अशांति फैल सकती है।

आस्था के आगे नहीं टिकी ब्रिटिश पुलिस की सख्ती

सपने में देवी मां की तरफ से दिए गए आदेश के मुताबिक, अगले दिन रविवार को वे सभी शीतलन तालाब वाले मंदिर में पहुंचे, 7 बार परिक्रमा की और अक्षत चढ़ाकर देवी मां से प्रार्थना की। मान्यता है कि ऐसा करने पर देवी मां की मूर्ति स्वयं मंदिर से उठकर उनके हाथों में विराजमान हो गई। दूसरी तरफ, इस योजना की खबर ब्रिटिश राज की पुलिस को भी मिल चुकी थी। शीतलन तालाब के मंदिर से मूर्ति उठाने के दौरान पुलिस ने उन्हें दौड़ा लिया। तब वे लोग आम के बागों और खेत-खलिहानों से होते हुए करीब 5 किलोमीटर दूर सरायन नदी के किनारे पहुंचे, जहां उन्होंने देवी मां की प्रतिमा को स्नान कराया। फिर अगले दिन सोमवार को छिपते-छिपाते हुए वे सभी भुइयांताली तीर्थ पर पहुंचे और वहां देवी मां की मूर्ति की स्थापना कर दी।

Charain Mela sitapur
Image Source : REPORTERS INPUTफोटो में बाईं तरफ शीतलन तालाब वाला मंदिर और दाईं तरफ भुइयांताली पर स्थापित पूर्वी देवी की मूर्ति।

हर साल दोहराई जाती है एक सदी पुरानी परंपरा

दिलचस्प है कि दशकों पहले हुई इस घटना को हर साल चराइन मेले की प्रभात फेरी के तौर पर दोहराया जाता है। सबसे पहले दिन भुइयांताली तीर्थ पर श्रद्धालु जुटते हैं, दूसरे दिन शीतलन तालाब वाले पुराने मंदिर की परिक्रमा होती है और तीसरे दिन वर्तमान भुइयांताली तीर्थ के मंदिर में पूजा का समापन होता है। इस दौरान, मेला लगता है और लोग उसमें देवी मां की पूजा करने आते हैं।

कस्बे में मौजूद मंदिर, कथा को देता है जीवंत रूप

हैरानी की बात है कि कहानी में बताए गए सभी स्थान आज भी उतनी ही दूरी पर मौजूद हैं। भुइयांताली तीर्थ है, शीतलन तालाब वाला मंदिर है और सरायन नदी भी अपने उसी स्थान पर बहती है, जो इस कथा को और भी जीवंत रूप देते हैं। शीतलन तालाब के पास मंदिर तो है लेकिन उसमें कोई मूर्ति नहीं है। दूसरी तरफ, भुइंयाताली तीर्थ पर बने पूर्वी देवी मंदिर में देवी मैया विराजमान हैं। हालांकि, इस घटना का कोई लिखित प्रमाण नहीं है। मेला आयोजक और खैराबाद कस्बे में रहने वाले लोग पीढ़ियों से ये कहानी सुनते आए हैं और मेले में शिरकत करते रहे हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। उत्तर प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।