उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एक छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर दी। छात्रा कक्षा 10वीं में पढ़ाई करती थी। एक स्थानीय युवक से तंग आकर छात्रा ने ये कदम उठाया है। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने 20 वर्षीय मोनू रैदास पर उसे परेशान करने का आरोप लगाया। पुलिस ने मोनू रैदास को गिरफ्तार कर मंगलवार को जेल भेज दिया।
Related Stories
छात्रा का लिखा सुसाइड नोट मिला
सुसाइड नोट में कहा गया है कि मोनू उसकी छेड़छाड़ की गई तस्वीरों को सार्वजनिक करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल कर रहा था। रायबरेली के एसपी आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि शुरुआती जांच से पुष्टि हुई है कि सुसाइड नोट 15 वर्षीय पीड़िता ने लिखा था। हमने आरोपी के खिलाफ आईपीसी धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में आगे की जांच जारी है, जिसके बाद और आरोप जोड़े जाएंगे।
बहनों संग चाचा के साथ रहती थी छात्रा
पुलिस ने कहा कि लड़की के पिता और मां काम के सिलसिले में कानपुर में रहते हैं, जबकि वह अपनी दो बहनों के साथ रायबरेली में अपने चाचा के साथ रहती थी। लड़की ने पंखे के हुक में फंदा डालकर फांसी लगा ली। जब वह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आई, तो अन्य बहनों ने शोर मचाया। बाद में दूसरों की मदद से उन्होंने दरवाजा तोड़ा और उसे फंदे से लटका पाया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
"मेरी मौत के बाद मुझे माफ कर देंगे"
सरेनी के थाना प्रभारी संजय कुमार ने कहा कि सुसाइड नोट लिखा है, ''गुडबाय। मेरी प्यारी मां और पिताजी, मुझे यकीन है कि मेरी मौत के बाद आप मुझे माफ कर देंगे। मैं अपनी बहनों से भी माफी मांगती हूं। जब मैं मर जाऊं तो मोनू को मत छोड़ना। मैं उसके कारण मरने जा रहा हूं, क्योंकि उसने मुझे बहुत परेशान किया है। भगवान जाने उसे मेरी फोटो कहां से मिली। मैं उसे नहीं जानती, लेकिन उसने इन तस्वीरों के जरिए मुझे काफी ब्लैकमेल किया है। मेरी आत्मा को तभी शांति मिलेगी, जब उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी।"
- IANS इनपुट के साथ