गाजीपुर जिले में अपराध और माफिया नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई करते हुए थाना मुहम्मदाबाद पुलिस ने मरहूम माफिया मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी की हिस्ट्रीशीट खोल दी है। हाल ही में उमर अंसारी को लखनऊ आवास से फर्जी हस्ताक्षर मामले में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में फरार चल रही मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्सा अंसारी के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे। दो दिन पूर्व ही इलाहाबाद हाईकोर्ट से उसे जमानत मिली थी, लेकिन जेल से बाहर आने से पहले ही पुलिस ने उसकी हिस्ट्रीशीट खोलकर नया पेंच फंसा दिया है। यह कार्रवाई सीधे तौर पर गाजीपुर पुलिस की अपराधियों और माफिया नेटवर्क पर शिकंजा कसने की रणनीति से जुड़ी मानी जा रही है।
पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, उमर अंसारी IS-191 गैंग का सक्रिय सदस्य है। आरोप है कि वह कूट रचित दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी से सार्वजनिक जमीनों पर कब्जा करता है। इसके साथ ही चुनाव के दौरान भड़काऊ भाषण देने और दिलवाने में भी शामिल रहता है। गाजीपुर, मऊ और लखनऊ में उस पर कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, सरकारी संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, चुनावी अपराध और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम जैसी धाराएं शामिल हैं। उसके खिलाफ गाजीपुर के मुहम्मदाबाद थाने से लेकर मऊ और लखनऊ की अदालतों में कई मुकदमे विचाराधीन हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, उमर अंसारी पर सख्ती से निगरानी रखना बेहद जरूरी था। हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद अब उसकी हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी। खुफिया एजेंसियां भी उसकी गतिविधियों को लेकर अलर्ट हो चुकी हैं। जानकारों का मानना है कि हाई प्रोफाइल मुख्तार परिवार की निगरानी और उस पर लगातार कानूनी दबाव बढ़ाना पुलिस-प्रशासन की रणनीति का हिस्सा है। फिलहाल उमर अंसारी के लिए यह स्थिति बेहद मुश्किल बन चुकी है क्योंकि जमानत मिलते ही हिस्ट्रीशीट खुलने से उसकी राह और भी कठिन हो गई है।
इस कार्रवाई को लेकर गाज़ीपुर पुलिस अधीक्षक डॉ ईरज राजा ने कहा कि उमर अंसारी के ऊपर सात मुकदमे दर्ज हैं, जो गाजीपुर समेत कई जनपदों में दर्ज हैं।
रिपोर्ट- शशिकांत तिवारी
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