लखनऊः समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में हाल के वर्षों में जिन सात हवाई अड्डों का उद्घाटन किया गया, उनमें से छह आज तक चालू नहीं हुए हैं। अखिलेश यादव ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "देखो भाजपा का भ्रष्ट प्रबंध सात में से छह नये हवाई अड्डे बंद! उत्तर प्रदेश के बाकी हवाई अड्डों का क्या हाल है 'घास हटवाकर' ये भी तो देख लिया जाए।"
चित्रकूट, कुशीनगर व आजमगढ़ के एयरपोर्ट का किया जिक्र
अखिलेश यादव ने चित्रकूट, कुशीनगर व आजमगढ़ के हवाई अड्डों का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया गया कि हाल ही में खोले गए कई हवाई अड्डों पर निर्धारित उड़ान परिचालन बंद कर दिया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाएं मुख्य रूप से चुनिंदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए शुरू की जा रही हैं।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया, "भाजपा में अरबों का निर्माण सिर्फ अपनों को ठेके बांटकर, कमाई को बांटने के लिए होता है। इन्हें न तो कोई हवाई अड्डा चलाना है, न उड़ान योजना में कोई हवाई जहाज उड़ाना है, इन्हें तो बस कमाना है।" उन्होंने एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन के दौरान की गई टिप्पणी का जवाब दिया।
अखिलेश ने पीएम मोदी के बयान पर दी ये प्रतिक्रिया
पीएम मोदी ने समाजवादी पार्टी की आलोचना करते हुए आरोप लगाया था कि सपा कार्यकाल के दौरान नोएडा को 'लूट के लिए एटीएम' में बदल दिया गया था। अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री का नाम लिए बिना कहा, "हमारे प्रदेश में मेहमान बनकर आए हैं, हम उनको मेहमान मानकर ही सम्मान सहित विदा करेंगे। जाने वालों की बात का बुरा नहीं माना जाता है। जब हार साक्षात दिखने लगती है तो इंसान को न अपने पद का मान रहता है, न ही अपने कथन पर नियंत्रण।" उन्होंने कहा, "उम्र और पद का मान करना हमारे संस्कार में है और हमेशा रहेगा।
पीएम मोदी ने सपा सरकार को लेकर कही थी ये बात
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के मौके पर बोलते हुए याद दिलाया कि कैसे यह इलाका कभी अंधविश्वास और राजनीतिक कायरता की वजह से पीछे रह गया था। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नोएडा को अंधविश्वास की वजह से उसके हाल पर छोड़ दिया गया था।
उनका इशारा उस पुरानी राजनीतिक सोच की तरफ था कि नोएडा जाना सत्ता में बैठे लोगों के लिए अपशगुन होता है। पहले के शासक अपनी कुर्सी खोने से इतना डरते थे कि वे यहां आने से पूरी तरह बचते थे। फिर उन्होंने एक निजी किस्सा सुनाया। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे याद है, जब सपा की सरकार थी और मैंने नोएडा जाने का प्लान बनाया था। मुख्यमंत्री इतने घबरा गए थे कि उन्होंने न सिर्फ उस कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया, बल्कि मुझे भी वहां न जाने के लिए मनाने की कोशिश की। पीएम मोदी ने बताया, "उन्होंने कहा था, 'मोदी जी, नोएडा मत जाइए — आप अभी-अभी प्रधानमंत्री बने हैं। मैंने उनसे कहा — मैं उस धरती का आशीर्वाद लेने जा रहा हूं, जो मुझे आने वाले लंबे समय तक देश की सेवा करने का मौका देगी।"
इनपुट- भाषा