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बुलडोजर के पीले पंजे का खौफ! सीतापुर में गुपचुप तरीके से खाली किया गया सपा दफ्तर, नजूल जमीन पर अवैध तरीके से बनी थी इमारत

 Edited By: Vinay Trivedi
 Published : Jun 20, 2026 06:14 pm IST,  Updated : Jun 20, 2026 06:14 pm IST

Samajwadi Party Office Vacated: सीतापुर में समाजवादी पार्टी ने अपने दफ्तर की बिल्डिंग को खाली कर दिया है। यहां सपा कार्यालय नजूल की जमीन पर अवैध तरीके से बना था। सपा कार्यालय को 15 दिन में बिल्डिंग को खाली करने का आदेश दिया गया था।

Sitapur SP office- India TV Hindi
सीतापुर में सपा कार्यालय की बिल्डिंग को खाली कर दिया गया है। Image Source : REPORTERS INPUT

Sitapur SP Office Vacated: यूपी के सीतापुर से बड़ी सियासी खबर सामने आई है जिसमें समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। समाजवादी पार्टी ने आखिरकार शहर के बीचों-बीच स्थित अपना जिला कार्यालय खाली कर दिया है। कलेक्टर न्यायालय से मिले कड़े अल्टीमेटम के बाद खुद सपा जिलाध्यक्ष ने दफ्तर का सारा सामान निकालने के बाद चाबी प्रशासन को सौंप दी है।

नजूल जमीन पर अवैध रूप से बनाया गया था सपा दफ्तर

बताते चलें कि लाल बाग से आंख अस्पताल मुख्य मार्ग पर स्थित टाउन हॉल में बना समाजवादी पार्टी का जिला कार्यालय पिछले काफी समय से विवादों में था। जांच में सामने आया था कि सपा का यह दफ्तर नजूल की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर बनाया गया था। मामले की सुनवाई लंबे समय से कलेक्टर न्यायालय में चल रही थी।​

15 दिनों में दफ्तर खाली करने का मिला था आदेश

इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कलेक्टर न्यायालय ने पिछले दिनों आदेश जारी किया था। कलेक्टर कोर्ट ने समाजवादी पार्टी को अवैध कब्जे वाली इस जमीन और कार्यालय को खाली करने के लिए 15 दिनों का सख्त नोटिस जारी किया था।​

दफ्तर खाली नहीं होता तो किया जाता बुलडोजर एक्शन

अदालत के आदेश में साफ तौर पर यह चेतावनी दी गई थी कि यदि निर्धारित 15 दिनों के भीतर कार्यालय खुद खाली नहीं किया गया, तो जिला प्रशासन की तरफ से 'बुलडोजर' की कार्रवाई की जाएगी और अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया जाएगा। सरकार की तरफ से ​अवैध कब्जों पर चलने वाले बुलडोजर के खौफ और कानूनी कार्रवाई के डर से समाजवादी पार्टी ने समय सीमा खत्म होने से पहले ही अपने कदम पीछे खींच लिए।

आनन-फानन में हटाए गए पार्टी के बोर्ड, झंडे और फर्नीचर

गौरतलब है कि किसी भी तरह की फजीहत से बचने के लिए सपा जिलाध्यक्ष ने आनन-फानन में पूरे कार्यालय को खाली करवा दिया। दफ्तर से पार्टी के बोर्ड, झंडे, दस्तावेज और सभी फर्नीचर हटा लिए गए हैं। कार्यालय पूरी तरह खाली करने के बाद सपा नेतृत्व ने जिला प्रशासन को भी लिखित रूप से इससे अवगत करा दिया है।

प्रशासन बता रहा कानून का राज

वर्षों पुराने इस दफ्तर का इस तरह खाली होना स्थानीय स्तर पर सपा के लिए एक बड़ा मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक झटका माना जा रहा है। हालांकि, भाजपा और सत्ता पक्ष इसे कानून का राज और सरकारी जमीन को भू-माफियाओं/अवैध कब्जों से मुक्त कराने की बड़ी उपलब्धि बता रहा है।

(इनपुट- मोहित मिश्रा)

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