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यूपी में असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा निरस्त, इस वजह से योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

Reported By : Ruchi Kumar Edited By : Mangal Yadav Published : Jan 07, 2026 04:48 pm IST, Updated : Jan 07, 2026 05:29 pm IST

उत्तर प्रदेश सरकार ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा 2025 को रद्द कर दिया है। परीक्षा में धांधली और अवैध घन वसूली के आरोप लगने के बाद सरकार ने यह फैसला किया।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
Image Source : PTI सांकेतिक तस्वीर

लखनऊः उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा निरस्त कर दी गई है। दरअसल, यूपी एसटीएफ को असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा में धांधली और अवैध धन वसूली का पता चला था। सरकार ने धांधली के आरोप लगने के बाद इस परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया। 

सीएम योगी ने दिए थे जांच के आदेश

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एसटीएफ को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या 51 के अंतर्गत सहायक आचार्य पद हेतु अप्रैल 2025 में आयोजित परीक्षा के संबंध में अनियमितताओं, धांधली और अवैध धन वसूली से जुड़ी सूचनाएं प्राप्त हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गोपनीय जांच के आदेश दिए गए।

प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए दिनांक 20-04-2025 को एसटीएफ ने असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा का फर्जी प्रश्नपत्र बनाकर अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गैंग के तीन अभियुक्तों महबूब अली, बैजनाथ पाल और विनय पाल को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों पर परीक्षा में धांधली एवं अवैध धन वसूली के आरोप लगे हैं। ये परीक्षा 16-04-2025 व 17-04-2025 को हुई थी। 

उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग का कर्मचारी हुआ था गिरफ्तार

यूपी एसटीएफ ने इस मामले में लखनऊ के विभूति खंड थाने में FIR दर्ज कराई थी। जांच की निष्पक्षता एवं गोपनीयता सुनिश्चित रखने के उ‌द्देश्य से तत्कालीन आयोग की अध्यक्ष से त्यागपत्र लिया गया। चूंकि अभियुक्त महबूब अली निवर्तमान आयोग की अध्यक्ष का गोपनीय सहायक था। पूछताछ के दौरान अभियुक्त महबूब अली ने स्वीकार किया कि उसके द्वारा मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान ही विभिन्न विषयों के प्रश्न पत्र निकाल लिए गए थे, जिन्हें उसने कई अभ्यर्थियों को विभिन्न माध्यमों से धन लेकर उपलब्ध कराया। अभियुक्त महबूब अली की स्वीकारोक्ति की एसटीएफ द्वारा गहन विवेचना एवं डेटा एनालिसिस से पुष्टि हुई है।

 जांच के बाद आरोपियों के पास से मिले कुछ अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबरों के आधार पर कई अन्य आरोपियों के भी नाम सामने आए। इसके बाद आयोग को पत्र लिखकर संदिग्ध अभ्यर्थियों का डेटा मांगा गया। एसटीएफ की जांच में पता चला कि इम्तिहान में गड़बड़ी हुई। इसके बाद आज सीएम योगी ने परीक्षा रद्द करने के आदेश दिए।

 

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