केरल के वायनाड जिले के चेकाडी गांव में एक अनोखी और मनमोहक घटना ने सोशल मीडिया यूजर्स का दिल जीत लिया। जहां एक छोटा सा हाथी का बच्चा, जो जंगल से भटककर एक सरकारी प्राथमिक स्कूल के परिसर में घुस आया, उसकी मासूम हरकतों ने बच्चों, शिक्षकों और सोशल मीडिया यूजर्स का दिल जीत लिया। फिलहाल इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें इस नन्हे मेहमान की चंचलता और मासूमियत हर किसी को मुस्कुराने पर मजबूर कर रही है।
जंगल से स्कूल तक का सफर
चेकाडी गांव केरल-कर्नाटक सीमा पर बसा है और घने जंगलों से घिरा हुआ है। इसी गांव में यह सरकारी स्कूल स्थित है। स्कूल के आसपास अक्सर शाम के समय हाथियों के झुंड घूमते देखे जाते हैं, लेकिन दिन के समय स्कूल परिसर में एक अकेले हाथी के बच्चे का आना पहली बार हुआ। वीडियो में यह छोटा हाथी स्कूल के बरामदे में टहलता हुआ नजर आया, जिसे देखकर सभी लोग हैरान रह गए।
स्कूल में टहलता दिखा हाथी का बच्चा
वीडियो में दिख रहा है कि यह नन्हा हाथी अपनी छोटी-सी सूंड को इधर-उधर हिलाते हुए और कभी कक्षाओं की ओर झांकते हुए स्कूल के मैदान में मस्ती कर रहा है। उसकी हरकतें इतनी प्यारी थीं कि बच्चे और शिक्षक उसे देखकर डरने की बजाय उत्साहित हो उठे। शिक्षकों ने तुरंत बच्चों को कक्षाओं में ले जाकर दरवाजे बंद कर दिए, ताकि कोई खतरा न हो, लेकिन इस दौरान सभी इस अनोखे मेहमान को अपने मोबाइल कैमरों और स्कूल के सीसीटीवी में कैद करने में व्यस्त रहे।
सोशल मीडिया पर छाया यह वीडियो
यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर अपलोड हुआ, यह तेजी से वायरल हो गया। लोग इस नन्हे हाथी की मासूमियत की तारीफ करते नहीं थक रहे। कुछ यूजर्स ने मजाक में कमेंट किया कि शायद यह छोटा हाथी स्कूल में दाखिला लेने या अपना ट्रांसफर सर्टिफिकेट लेने आया था। एक यूजर ने लिखा, “यह नन्हा हाथी तो स्कूल का नया स्टूडेंट लग रहा है!” वहीं, दूसरे ने कहा, “इसकी मासूमियत ने दिल चुरा लिया।”
पहली बार हुआ ऐसा
शिक्षकों ने बताया कि स्कूल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि कोई जंगली जानवर दिन के समय परिसर में घुस आया। स्कूल के स्टाफ ने इसे एक यादगार पल बताया और कहा कि बच्चों में इस घटना को लेकर उत्साह और जिज्ञासा थी। वन विभाग को सूचना दी गई, और उन्होंने इस नन्हे हाथी को सुरक्षित जंगल की ओर वापस ले जाने की व्यवस्था की।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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