Viral Video : दिल्ली की एक छात्रा ने एक ऐसा पल शेयर किया जिसे वह कभी नहीं भूल पाएगी। कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा का परिणाम मिलने के बाद उसने अपनी मां को फोन किया। उसकी आवाज कांप रही थी जब उसने कहा, 'मम्मी, मैं पास हो गई।' यह एक साधारण वाक्य था, लेकिन इसमें वर्षों की मेहनत और संघर्ष समाया हुआ था। उसके बगल में हेड कांस्टेबल थान सिंह खड़े थे, जो उन बच्चों के लिए एक छोटा सा शिक्षण केंद्र चलाते हैं जो उचित शिक्षा का खर्च वहन नहीं कर सकते। लड़की फोन पर बात कर रही थी, तभी उसकी आंखों में आंसू भर आए। कुछ ही पलों बाद उसने उन्हें कसकर गले लगा लिया। दोनों फूट-फूटकर रो पड़े, जिससे पता चलता है कि यह परिणाम उनके लिए कितना मायने रखता था।
इमोशनल कर देने वाला वीडियो वायरल
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @mathur.9082 नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में थान सिंह पहले बच्ची की मां से बात करते हैं और कहते हैं, 'आपकी बेटी पास हो गई है, ये लीजिए, बात करें।' फिर वह बच्ची को फोन सौंप देते हैं। आंसू भरी आंखों से मुस्कुराते हुए बच्ची दोहराती है, 'मम्मी, मैं पास हो गई।' उसकी खुशी पल भर में आंसुओं में बदल जाती है। यह सिर्फ परीक्षा पास करने की बात नहीं है। यह उन सभी मुश्किलों की बात है जिनका सामना उसे यहां तक पहुँचने के लिए करना पड़ा। थान सिंह के साथ उसका गले मिलना उनके बीच समय के साथ बने मजबूत बंधन को दर्शाता है।
संघर्ष की लंबी यात्रा
गौरतलब है कि, साक्षी नाम की यह लड़की शिक्षण केंद्र की सबसे पुरानी छात्राओं में से एक है। उसने मुश्किल समय में भी हार नहीं मानी। कई बार ऐसा हुआ जब वह पढ़ाई छोड़ सकती थी, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। उसने अपना ध्यान केंद्रित रखा और कड़ी मेहनत की। वीडियो के साथ साझा किए गए कैप्शन में लिखा है, 'हमारी पाठशाला की सबसे पुरानी छात्रा साक्षी ने भावुक आंसुओं के साथ 10वीं की बोर्ड परीक्षा पास की। उसने कभी हार नहीं मानी और जब उसने जीत हासिल की, तो वह रो पड़ी।' उसकी कहानी दिखाती है कि मजबूत बने रहना कैसे सब कुछ बदल सकता है।
यूजर्स ने लुटाया प्यार
इस वीडियो को देखने के बाद कई लोग इमोशनल हो गए। उन्होंने शुभकामना संदेश भेजे और उनके प्रयास की सराहना की। एक व्यक्ति ने लिखा, 'बधाई हो और ईश्वर आपको आशीर्वाद दे।' दूसरे ने कहा कि, 'साक्षी, मुझे तुम पर बहुत गर्व है। बधाई हो। आगे बढ़ते रहो!' अन्य लोगों ने भी थान सिंह को उनके काम के लिए धन्यवाद दिया। एक टिप्पणी में लिखा था, 'बहुत बढ़िया काम किया दोस्तों, आपको विशेष धन्यवाद सर। उम्मीद है कि एक दिन हर कोई आपकी तरह किसी न किसी रूप में सामुदायिक कार्य की पहल करेगा।' एक अन्य व्यक्ति ने कहा, 'स्कूल छोड़ने की कगार से लेकर सपने देखने की हिम्मत जुटाने तक, उसने न केवल अपना परिणाम बदला, बल्कि अपनी किस्मत भी बदल दी।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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