ममता बनर्जी ने आने वाले चुनावों से पहले 23 कमेटियों और ऐसी ही दूसरी संस्थाओं से इस्तीफ़ा दे दिया है। अधिकारियों ने इसे चुनाव नियमों के मुताबिक एक प्रोसीजरल कदम बताया है। राज्य प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि ममता बनर्जी, जो मुख्यमंत्री के तौर पर अलग-अलग बोर्ड, काउंसिल और कमीशन की चेयरपर्सन या मेंबर थीं, ने इनसे इस्तीफ़ा दे दिया है। ये पद उनकी संवैधानिक और मंत्री पद की ज़िम्मेदारियों से अलग हैं। इनमें से कुछ पद "ऑफिस ऑफ़ प्रॉफ़िट" की कैटेगरी में आते हैं, जो चुनाव लड़ते समय किसी उम्मीदवार को अयोग्य ठहरा सकते हैं। तय नियमों के मुताबिक, उम्मीदवारों को अपना नॉमिनेशन भरने से पहले ऐसे पदों से इस्तीफ़ा देना होता है।
फुल एक्शन में ममता
पश्चिम बंगाल की सीएम और TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही फुल एक्शन में आ गई हैं। वे बंगाल में ताबड़तोड़ जनसभाएं कर रही हैं। मंगलवार को ममता की जनसभा जलपाईगुड़ी में थी। इस जनसभा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक भावुक और कड़ा संदेश दिया है। ममता ने खुद को एक साधारण इंसान बताते हुए कहा कि वे सभी धर्मों का सम्मान करती हैं और दुर्गा पूजा से लेकर ईद तक हर उत्सव में शामिल होती हैं।
मैं जो कहती हूं, कर दिखाती हूं
जनसभा में ममता बनर्जी ने अपने चिर-परिचित अंदाज में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, राजनीति में कई लोग वादे करते हैं और भूल जाते हैं, लेकिन मैं जो कहती हूं, वो करके दिखाती हूं। चाहे वह ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना हो या ‘कन्याश्री’, मेरा लक्ष्य हमेशा आम लोगों को खुशी पहुंचाना है, उनके चेहरे पर मुस्कान लाना रहा है। मेरी शक्ति बंगाल की जनता का प्यार है, न कि कोई ऊंचा पद। एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है और जो लोग हमें धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं, बंगाल की जनता उन्हें करारा जवाब देगी।