पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों के लिए दो चरणों में मतदान होना है। मतदान का पहला चरण कल यानी 23 अप्रैल को होगा और दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी। वोटों की गिनती चार मई को होने वाली है। पहले चरण के मतदान से ठीक दो दिन पहले चुनाव आयोग ने नंदीग्राम विधानसभा सीट के लिए अभूतपूर्व फैसला लिया, जिसकी चर्चा सियासी गलियारों में हो रही है। दरअसल, गुरुवार, 23 अप्रैल को इस सीट पर चुनाव होना है और मतदान से 48 घंटे पहले मौजूदा पुलिस पर्यवेक्षक हितेश चौधरी को हटाकर चुनाव आयोग ने अखिलेश सिंह को यह जिम्मेदारी सौंपी दी है। वोटिंग से ठीक पहले हुए इस अचानक फेरबदल से सभी हैरान हैं।
चुनाव आयोग (ECI) की तरफ से हितेश चौधरी को हटाने की कोई ठोस वजह नहीं बताई गई है। हालांकि, आदेश में कहा गया है कि यह बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए और अखिलेश सिंह जल्द से जल्द कार्यभार संभालें। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, नंदीग्राम जैसी अति-संवेदनशील सीट पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और निगरानी को और पुख्ता करने के लिए आयोग ने आखिरी वक्त में यह फैसला लिया है। क्या किसी भी तरह की अप्रिय घटना या 'अशांति' रोकने के लिए ही यह सख्त कदम उठाया गया है? फिलहाल यही सवाल सबसे बड़ा बना हुआ है।