इंडो-बांग्लादेश बॉर्डर पर घुसपैठियों को लेकर बड़ा एक्शन देखने को मिल रहा है। बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के टॉप सूत्रों के मुताबिक, इंडो-बांग्लादेश बॉर्डर खासतौर पर पश्चिम बंगाल सेक्टर में पकड़े गए बांग्लादेशी घुसपैठियों को फिलहाल बीएसएफ और संबंधित सरकारी एजेंसियों की निगरानी में रखा जाएगा। सूत्रों के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में अब मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स को भी सक्रिय रूप से शामिल किया गया है।
कैसे की जाएगी कार्रवाई?
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में “ऑपरेशन पुशबैक” या “ऑपरेशन सेंटबैक” के तहत कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड यानी बीजीबी को पकड़े गए लोगों की पूरी जानकारी और पहचान संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराना है। बीजीबी इन सभी जानकारियों का सत्यापन करेगा और वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नियमों के तहत उन्हें वापस लेने की कार्रवाई की जाएगी।
घुसपैठियों को कब वापस भेजा जाएगा?
इस बारे में अहम बात यह है कि जब तक बीजीबी की ओर से औपचारिक क्लियरेंस नहीं मिलता, तब तक इन घुसपैठियों को वापस नहीं भेजा जाएगा। इसी वजह से अब बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ के साथ-साथ भारत सरकार और विदेश मंत्रालय भी पूरी तरह एक्टिव मोड में नजर आ रहे हैं।
बांग्लादेश बॉर्डर पर घुसपैठियों की लाइनें
दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश बॉर्डर पर घुसपैठियों की लाइनें लगनी शुरू हो गई हैं। मंगलवार सुबह से नॉर्थ चौबीस परगना के हाकिमपुर बॉर्डर चेक पोस्ट पर बांग्लादेशी घुसपैठियों का लाइन लगी हुई है। अवैध तरीके से बंगाल में घुसे बांग्लादेशी लोग अब खुद ही जल्द से जल्द वापस जाने के लिए बॉर्डर पर इंतजार कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल पुलिस बांग्लादेशी घुसपैठियों को BSF के हवाले कर रही है। वहीं, BSF के जवान घुसपैठियों को बॉर्डर पर बने बफर जोन तक पहुंचा रहे हैं। नॉर्थ चौबीस परगना में मंगलवार सुबह से सैकड़ों बांग्लादेशी वापसी का इंतजार कर रहे हैं। BSF इन बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान पुख्ता कर रही है। इसलिए पहले बांग्लादेश अथॉरिटीज से बात की जा रही है। पहचान और कागजी कार्रवाई के बाद इन्हें वापस भेजा जाएगा।
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