मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास होने के बाद कोलकाता में राम मंदिर बनाने का फैसला किया गया है। संजय पायरा को इस काम के लिए कन्वीनर की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, इस मंदिर को बनाने वाले लोगों का राजनीति से कोई संबंध नहीं होगा। वहीं, हुमायूं कबीर ने पहले ही अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने और असदुद्दीन ओवैसी के साथ गठबंधन करने का ऐलान कर दिया है।
बाबरी मस्जिद का शिलान्यास 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में हुआ था। विधायक हुमायूं कबीर विवादों के बावजूद पीछे नहीं हटे और मस्जिद की नींव रखी। इसके बाद कोलकाता में राम मंदिर निर्माण के पोस्टर लगा दिए गए हैं। साल्टलेक करुणामयी, सिटी सेंटर, समेत कई जगहों पर राम मंदिर बनाने के बैनर लगाए गए। संजय पायरा मंदिर बनाने के कन्वीनर हैं। इंडिया टीवी से बात करते हुए उन्होंने मंदिर के शिलान्यास की तारीख बताई। हालांकि, संजय ने साफ कर दिया है कि इसका कोई पॉलिटिकल कनेक्शन नहीं होगा।
राम नवमी पर होगा शिलान्यास
बिधाननगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एरिया समेत कई जगहों पर बैनर लगाए गए हैं। मंदिर बनाने के कन्वीनर संजय पायरा का दावा है कि 26 मार्च को राम नवमी के दिन मंदिर का शिलान्यास होगा और काम शुरू हो जाएगा। लेकिन सिर्फ मंदिर ही नहीं। उन्होंने दावा किया है कि राम मंदिर के साथ स्कूल, हॉस्पिटल और ओल्ड एज होम भी बनाए जाएंगे।
हिंदुओं से मांगा दान
संजय पायरा का दावा है कि जगह की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने कहा है कि वे जमीन देंगे। जमीन है। हम सही समय पर बताएंगे कि वह कहां होगी। उन्होंने कहा कि मंदिर चार बीघा जमीन पर बनाया जाएगा। उस व्यक्ति ने यह भी कहा कि कुछ लोगों ने मूर्तियां, कुछ ने जमीन और कुछ ने पैसे देने का वादा किया है। उन्होंने हिंदुओं से 1-1 रुपए दान भी मांगा है। इस बारे में बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने बताया कि जितने भी मस्जिद निर्माण होगा उससे मुकाबले 5 राम के नाम पर मंदिर बनाया जाएगा।
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