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तस्वीरों में देखें ईरान के किन परमाणु ठिकानों पर अमेरिका ने किया हमला, जानें यहां क्या काम होता है?

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Jun 22, 2025 09:46 am IST,  Updated : Jun 22, 2025 09:46 am IST

अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया है। यहां ईरान यूरेनियम इकट्ठा कर रहा था और उसे प्रोसेस करके न्यूक्लियर बम में इस्तेमाल के लायक बना रहा था।

Iran- India TV Hindi
ईरान के परमाण केंद्र Image Source : AP

अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमला किया है। अमेरिकी वायुसेना ने बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स के जरिए ईरान के फोर्डो, इस्फहान और नतांज परमाणु ठिकाने पर बम बरसाए। अमेरिका का दावा है कि इस हमले में ईरान के परमाणु ठिकाने पूरी तरह ध्वस्त कर दिए गए हैं। ईरान की तरफ से भी हमले की पुष्टि हुई है, लेकिन इससे कितना नुकसान हुआ है, यह खुलासा नहीं हुआ है। यहां हम ईरान के उन तीनों परमाणु ठिकानों की तस्वीरें दिखा रहे हैं, जहां अमेरिका ने हमला किया है।

अमेरिका से पहले इजरायल ने भी ईरान के इन परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी। इजरायली हमले में इस्फहान और नतांज में नुकसान भी हुआ था, लेकिन जमीन के 250 फीट नीचे बने फोर्डो परमाणु सेंटर को नुकसान पहुंचाने के लिए इजरायल के पास कोई हथियार नहीं था। इसी वजह से ईरान को परमाणु बम बनाने से रोकने के लिए अमेरिका को हमला करना पड़ा। हालांकि, अमेरिका का कहना है कि इस हमले का इजरायल से कोई संबंध नहीं है। 

फोर्डो फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट

ईरान के फोर्डो फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट को शहीद अली मोहम्मदी न्यूक्लियर फैसिलिटी के नाम से भी जाना जाता है। यह तेहरान से लगभग 95 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में कोम शहर के पास एक पहाड़ के अंदर 80-90 मीटर (लगभग 262-295 फीट) गहराई में बना हुआ है। यह ईरान का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण यूरेनियम संवर्धन केंद्र है, जो नतांज के बाद आता है। फोर्डो में मुख्य रूप से यूरेनियम को संवर्धित किया जाता है। यह प्रक्रिया यूरेनियम-235 की सांद्रता को बढ़ाने के लिए की जाती है, जो परमाणु रिएक्टरों के लिए ईंधन या संभावित रूप से परमाणु हथियारों के लिए इस्तेमाल हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के अनुसार, फोर्डो में लगभग 2,700 सेंट्रीफ्यूज (यूरेनियम को शुद्ध करने वाली मशीनें) कार्यरत हैं, जिनमें से 350 सेंट्रीफ्यूज 60% शुद्धता तक यूरेनियम संवर्धन करते हैं। 2023 में यहां 83.7% शुद्धता वाला यूरेनियम पाया गया था, जो 90% हथियार-ग्रेड स्तर से केवल एक कदम पीछे है।

Fordo
Image Source : APफोर्डो

फोर्डो में परमाणु हथियार बनाने की क्षमता

पश्चिमी खुफिया एजेंसियों और विशेषज्ञों का मानना है कि फोर्डो ईरान का प्राथमिक केंद्र हो सकता है, जहां संवर्धित यूरेनियम को परमाणु हथियार में बदला जा सकता है, यदि ईरान ऐसा निर्णय लेता है। इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी के अनुसार, फोर्डो में हथियार-ग्रेड यूरेनियम का उत्पादन संभव है, और यह हर साल कम से कम दो परमाणु हथियार बना सकता है। ईरान दावा करता है कि फोर्डो में उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है, जैसे कि चिकित्सा और ऊर्जा उत्पादन के लिए आइसोटोप बनाना। अन्तरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण ने भी माना है कि इस प्लांट का डिजाइन और आकार शांतिपूर्ण उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं है।

फोर्डो की खासियत

यह प्लांट पहाड़ की 80-90 मीटर मोटी चट्टानों के नीचे बना है। इसकी सुरक्षा रूस का S-300 एयर डिफेंस सिस्टम और ईरानी विशेष बल करते हैं। यह हवाई हमलों से लगभग अभेद्य माना जाता था। इजरायल ने भी फोर्डो पर हमले किए थे, लेकिन इससे सीमित नुकसान हुआ था। फोर्डो में हाईटेक IR-6 सेंट्रीफ्यूज का उपयोग होता है, जो पुराने मॉडलों की तुलना में तेजी से यूरेनियम संवर्धन करते हैं।

नतांज परमाणु केंद्र

यह परमाणु केंद्र इस्फहान प्रांत में तेहरान से लगभग 250 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। यह ईरान का सबसे बड़ा और सबसे प्रसिद्ध यूरेनियम संवर्धन केंद्र है। यहां फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट और पायलट फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट हैं, जहां यूरेनियम संवर्धित किया जाता है। यह सुविधा मुख्य रूप से 3.5% से 20% तक यूरेनियम-235 की शुद्धता बढ़ाने के लिए डिजाइन की गई है, जो परमाणु रिएक्टरों के लिए ईंधन के रूप में उपयोग होता है। हाल के वर्षों में, ईरान ने 60% तक संवर्धन की सूचना दी है, जो हथियार-ग्रेड (90%) के करीब है।

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Image Source : APनतांज

नतांज की खासियत

नतांज में दो बड़े हॉल हैं, जो हजारों सेंट्रीफ्यूज को समायोजित करते हैं। यह फोर्डो की तुलना में बड़े पैमाने पर संवर्धन करता है। नतांज ईरान के परमाणु कार्यक्रम का अहम हिस्सा है। इसके नष्ट होने से ईरान का परमाणु कार्यक्रम लगभग खत्म हो चुका है। नतांज को हवाई रक्षा प्रणालियों और सैन्य सुरक्षा द्वारा संरक्षित किया गया है, लेकिन यह फोर्डो की तरह गहरे पहाड़ों में नहीं है, इसलिए यह हवाई हमलों के प्रति अधिक संवेदनशील है।

फोर्डो, नतांज, इस्फहान की तुलना

शहर
मुख्य कार्य
स्थान
सुरक्षा
रणनीतिक महत्व
हमले की संवेदनशीलता
फोर्डो
उच्च-स्तरीय यूरेनियम संवर्धन (60% तक)
पहाड़ के अंदर
अत्यधिक सुरक्षित
परमाणु हथियार संभावना
बहुत कम (GBU-57 और B-2 की जरूरत)
नतांज
बड़े पैमाने पर यूरेनियम संवर्धन
आंशिक रूप से भूमिगत
मध्यम सुरक्षित
परमाणु कार्यक्रम का केंद्र
मध्यम (बंकर-बस्टर बम से खतरा)
इस्फहान
यूरेनियम रूपांतरण, अनुसंधान
सतह पर
कम सुरक्षित
ईंधन चक्र का आधार
उच्च (हवाई हमलों के लिए आसान)

इस्फहान परमाणु केंद्र

इस्फहान शहर ईरान के मध्य में, नतांज से लगभग 100 किलोमीटर दक्षिण में है। यह एक परमाणु अनुसंधान और उत्पादन केंद्र है। इस्फहान में यूरेनियम कन्वर्जन फैसिलिटी है, जहां यूरेनियम अयस्क को यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड गैस में परिवर्तित किया जाता है। यह गैस नतांज और फोर्डो जैसे संवर्धन केंद्रों में सेंट्रीफ्यूज के लिए उपयोग होती है। यह सुविधा परमाणु ईंधन चक्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस्फहान में न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी सेंटर परमाणु अनुसंधान, रिएक्टर डिजाइन, और चिकित्सा आइसोटोप उत्पादन के लिए उपयोग होता है। यहां मिनिएचर न्यूट्रॉन सोर्स रिएक्टर है, जो अनुसंधान और प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल होता है। इस्फहान में ईंधन निर्माण संयंत्र है, जो परमाणु रिएक्टरों के लिए ईंधन रॉड्स और प्लेट्स बनाता है।

Ishfahan
Image Source : APइस्फहान

इस्फहान की अहमियत

इस्फहान की सुविधाएं ज्यादातर सतह पर हैं, जिससे यह हवाई हमलों के प्रति अधिक संवेदनशील है। यह ईरान के परमाणु ईंधन चक्र का प्रारंभिक बिंदु है। यदि यह नष्ट हो जाए, तो नतांज और फोर्डो में यूरेनियम संवर्धन के लिए कच्चा माल (UF6) की आपूर्ति रुक सकती है। फोर्डो और नतांज की तुलना में इस्फहान कम विवादास्पद है, क्योंकि यह मुख्य रूप से रूपांतरण और अनुसंधान पर केंद्रित है।

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