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नहीं पहुंचते हिंदुस्तानी...तो सोमालिया के तट पर मारे जाते इतने ईरानी और पाकिस्तानी, Indian Navy ने समुद्री लुटेरों को खदेड़ा

 Published : Feb 03, 2024 11:38 am IST,  Updated : Feb 03, 2024 11:39 am IST

भारतीय नौसेना के जांबाजों ने एक बार फिर समुद्र में अपने अदम्य साहस का परिचय दिया है। सोमालिया के पूर्वी समुद्री तट पर समुद्री लुटेरें द्वारा बंधक बनाए गए ईरानी और पाकिस्तानी नागरिकों को छुड़ा लिया। अगर भारतीय सेना नहीं पहुचंती तो इन नागरिकों की जान का खतरा हो सकता था।

समुद्री लुटेरों के खिलाफ अभियान चलाते भारतीय नौसैनिक।- India TV Hindi
समुद्री लुटेरों के खिलाफ अभियान चलाते भारतीय नौसैनिक। Image Source : PTI

अगर भारतीय नौसेना के जांबाज समय रहते समुद्री लुटेरों के पास नहीं पहुंच जाते तो 11 ईरानी और 8 पाकिस्तानियों की जान जा सकती थी। समुद्री लुटेरों ने एक मालवाहक जहाज को अगवा कर ईरानियों और पाकिस्तानियों को बंधक बना लिया था। मगर भारतीय नौसेना के जांबाजों ने समुद्री सुरक्षा के प्रण के तहत समुद्री लुटेरों को चारों तरफ से घेर लिया और उनके खिलाफ अभियान चलाकर भगा दिया। इससे ईरानियों और पाकिस्तानियों की जान बच गई। 

नौसेना ने क्षेत्र में बचाव अभियानों के तहत सोमालिया के पूर्वी तट पर 11 ईरानी और आठ पाकिस्तानी नागरिकों के चालक दल के साथ एक ईरानी ध्वज लगे मछली पकड़ने वाले जहाज पर समुद्री डकैती के प्रयास को विफल कर दिया। अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय युद्धपोत आईएनएस शारदा सात समुद्री लुटेरों द्वारा एफवी ओमारिल पर चालक दल के सदस्यों को बंधक बना लिए जाने के बाद बचाव के लिए रवाना हुआ। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में समुद्री डकैती रोधी मिशन के लिए तैनात युद्धपोत को उस समय जहाज को रोकने के लिए भेज दिया गया, जब क्षेत्र में निगरानी कर रहे भारतीय नौसेना के विमान ने सफलतापूर्वक एफवी ओमारिल का पता लगा लिया।

31 जनवरी की रात मिली समुद्री डकैतों की सूचना

नौसेना को समुद्री डकैती की घटना की जानकारी 31 जनवरी की देर रात मिली। भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने कहा, ‘‘ईरानी ध्वज वाले जहाज एफवी ओमारिल पर सात समुद्री डाकू सवार हो गए थे, जिन्होंने चालक दल को बंधक बना लिया था।’’ उन्होंने कहा कि आईएनएस शारदा ने शुक्रवार तड़के जहाज को रोका और जहाज के साथ चालक दल की सुरक्षित रिहाई के लिए समुद्री डाकुओं को मजबूर करने के लिए अपनी नौकाओं का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि जहाज ने चालक दल के 11 ईरानी और आठ पाकिस्तानी सदस्यों की सफल रिहाई सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा, ‘‘समुद्र में समुद्री डकैती रोधी और समुद्री सुरक्षा अभियानों के लिए तैनात मिशन द्वारा किए गए अथक प्रयास, समुद्र में बहुमूल्य जीवन को बचाने के लिए जारी हैं, जो समुद्र में सभी जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के प्रति भारतीय नौसेना के संकल्प का प्रतीक है।

सोमालिया के पूर्वी तट पर समुद्री डाकुओं ने किया था हमला

’’ सोमालिया के पूर्वी तट पर समुद्री डाकुओं द्वारा ईरानी ध्वज वाले मछली पकड़ने वाले जहाज पर हमला करने के बाद मछली पकड़ने वाले जहाज के 19 पाकिस्तानी चालक दल को बचाया था। एक समन्वित कार्रवाई में, भारतीय नौसेना ने श्रीलंका और सेशेल्स की नौसेना बलों के साथ मिलकर इस सप्ताह की शुरुआत में मछली पकड़ने वाले एक जहाज को बचाया, जब मोगादिशु के पूर्व में समुद्री रास्ते में उसका अपहरण कर लिया गया था। नौसेना ने 5 जनवरी को उत्तरी अरब सागर में लाइबेरिया के झंडे वाले जहाज एमवी लीला नोरफोक के अपहरण के प्रयास को विफल कर दिया और उसके सभी चालक दल के सदस्यों को बचा लिया। (भाषा)

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