Monday, January 19, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अन्य देश
  4. ईरान के राष्ट्रपति चुनावों के नतीजे घोषित, किसी भी उम्मीदवार को नहीं मिला बहुमत; अब होगा एक सुपर मुकाबला

ईरान के राष्ट्रपति चुनावों के नतीजे घोषित, किसी भी उम्मीदवार को नहीं मिला बहुमत; अब होगा एक सुपर मुकाबला

ईरान के राष्ट्रपति चुनावों में किसी भी उम्मीदवार को पर्याप्त मत नहीं मिलने से अब दोबारा चुनाव कराए जाएंगे। इसके लिए अगले शुक्रवार का दिन चुना गया है। सबसे ज्यादा मत पाने वाले उम्मीदवार सुधारवादी नेता मसूद पेजेशकियन और कट्टरपंथी सईद जलीली के बीच अब सीधा चुनाव कराया जाएगा।

Edited By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia
Published : Jun 29, 2024 05:38 pm IST, Updated : Jun 29, 2024 05:40 pm IST
ईरान राष्ट्रपति चुनाव (फाइल)- India TV Hindi
Image Source : REUTERS ईरान राष्ट्रपति चुनाव (फाइल)

दुबईः ईरान में राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए हुए मतदान में किसी भी प्रत्याशी को जीत के लिए पर्याप्त मत नहीं मिला है। इन नतीजों ने राष्ट्रपति चुनाव को अब काफी पेचीदा और दिलचस्प बना दिया है। बता दें कि ईरान में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ रहे विभिन्न उम्मीदवारों में सुधारवादी नेता मसूद पेजेशकियन और कट्टरपंथी सईद जलीली के बीच कांटे की टक्कर देखी गई। मगर कोई भी राष्ट्रपति पद पर आसीन होने के लिए पर्याप्त मत हासिल नहीं कर सका। लिहाजा अब ईरान में इन्हीं दोनों उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला कराया जाएगा। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

चुनाव प्रवक्ता मोहसिन इस्लामी ने बताया कि पेजेशकियन और जलीली के बीच सीधा मुकाबला शुक्रवार को होगा। इस्लामी ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान चुनाव परिणाम की घोषणा की, जिसका ईरान के सरकारी टेलीविजन चैनल ने सीधा प्रसारण किया। उन्होंने बताया कि कुल दो करोड़ 45 लाख मतों में से पेजेशकियन को एक करोड़ चार लाख और जलीली को 94 लाख वोट मिले। संसद के कट्टरपंथी स्पीकर मोहम्मद बाघेर कलीबाफ को 33 लाख वोट मिले और शिया धर्मगुरु मुस्तफा पूरमोहम्मदी को करीब 2,06,000 वोट मिले हैं। ईरान के कानून के अनुसार, 50 प्रतिशत से अधिक मत हासिल करने पर ही कोई उम्मीदवार विजेता घोषित किया जा सकता हैं और यदि ऐसा नहीं होता है, तो शीर्ष दो उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला होगा।

ईरान के राष्ट्रपति चुनावों का क्या है इतिहास

ईरान के राष्ट्रपति पद के चुनावी इतिहास में केवल एक बार 2005 में ऐसा हुआ है जब कट्टरपंथी महमूद अहमदीनेजाद ने पूर्व राष्ट्रपति अकबर हाशमी रफसंजानी को हराया था। इस्लामी ने कहा कि परिणाम को देश की संरक्षक परिषद की औपचारिक मंजूरी की आवश्यकता होगी, लेकिन उम्मीदवारों ने परिणाम को कोई चुनौती नहीं दी है। ईरान में राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान हुआ था। ईरान के कट्टरपंथी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की मई में हुए हेलीकॉप्टर हादसे में मृत्यु हो गई थी, जिस कारण देश में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कराया गया। यह चुनाव ऐसे समय में हो रहा है, जब इजराइल-हमास के बीच जारी युद्ध को लेकर पश्चिम एशिया में व्यापक स्तर पर तनाव है और ईरान पिछले कई वर्षों से आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। (एपी)

यह भी पढ़ें

दुनिया भर के लोगों का जीवन बेहतर बनाने का 83 फीसदी लक्ष्य 2030 तक भी नहीं हो सकेगा पूरा, UN ने जाहिर की गहरी चिंता


यूक्रेन युद्ध में रूस इस्तेमाल कर रहा उत्तर कोरिया की मिसाइलें, संयुक्त राष्ट्र के सामने सनसनीखेज दावा
 

 

Latest World News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Around the world से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश

Advertisement
Advertisement
Advertisement