G-20 summit: प्रधानमंत्री मोदी और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामाफोसा ने जोहान्सबर्ग में जी-20 से इतर द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने और व्यापार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, निवेश, प्रौद्योगिकी, कौशल विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर तथा क्रिटिकल मिनरल्स में सहयोग को नई ऊँचाई देने पर सहमति जताई। राष्ट्रपति रामफोसा ने जी-20 आयोजन का मौका देने के लिए भारत और पीएम मोदी का आभार जताया।
पीएम मोदी ने किया पोस्ट
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा,"जोहान्सबर्ग में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के साथ बहुत अच्छी बैठक हुई। हमने भारत-दक्षिण अफ्रीका साझेदारी के पूरे दायरे की समीक्षा की, विशेष रूप से व्यापार, संस्कृति, निवेश के जुड़ाव को मजबूत करने और प्रौद्योगिकी, कौशल विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्रिटिकल मिनरल्स आदि क्षेत्रों में सहयोग को विविधतापूर्ण बनाने पर चर्चा की। दक्षिण अफ्रीका की सफल जी-20 अध्यक्षता के लिए राष्ट्रपति रामाफोसा को बधाई दी।"
व्यापार-निवेश और खाद्य सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर सार्थक वार्ता
प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने ऐतिहासिक संबंधों को याद करते हुए व्यापार-निवेश, खाद्य सुरक्षा, कौशल विकास, खनन, युवा आदान-प्रदान और जन-जन के संपर्कों में हुई प्रगति पर संतोष जताया। भारतीय कंपनियों की दक्षिण अफ्रीका में बढ़ती मौजूदगी का स्वागत किया गया और बुनियादी ढांचा, प्रौद्योगिकी, नवाचार, खनन तथा स्टार्टअप क्षेत्रों में निवेश प्रवाह को और बढ़ाने पर सहमति बनी। प्रधानमंत्री मोदी ने चीता पुनर्वास परियोजना में दक्षिण अफ्रीका की भूमिका के लिए रामाफोसा को धन्यवाद दिया और उन्हें इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस में शामिल होने का न्योता दिया।
ग्लोबल साउथ की आवाज बुलंद करने के लिए एकजुटता
दोनों नेताओं ने ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर काम करने पर सहमति जताई। मोदी ने दक्षिण अफ्रीका द्वारा आईबीएसए नेताओं की बैठक आयोजित करने की पहल की सराहना की, जबकि रामाफोसा ने 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया। बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विदेश मंत्रालय के सचिव (आर्थिक संबंध) सुधाकर दलेला और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति कार्यालय ने भी बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए इसे व्यापार, औद्योगीकरण, शिक्षा, आईसीटी और बुनियादी ढांचे में आपसी लाभकारी पहलों को बढ़ाने का अवसर बताया।(एएनआई)