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अगले साल G-20 में दक्षिण अफ्रीका को आमंत्रण नहीं देने के ट्रंप के फैसले पर आया रामफोसा का पहला बयान, कहा-"अफसोसजनक"

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अगले जी20 में आमंत्रण नहीं भेजे जाने को अफसोसजनक बताया है। ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीका पर रंगभेदी और नस्लभेदी होने का आरोप लगाया है।

Edited By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia
Published : Nov 29, 2025 01:40 pm IST, Updated : Nov 29, 2025 01:40 pm IST
सीरिल रामफोसा, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति। - India TV Hindi
Image Source : X@CYRILRAMAPHOSA सीरिल रामफोसा, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति।

जोहान्सबर्गः अमेरिका में अगले साल होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीका को ट्रंप द्वारा आमंत्रण नहीं दिए जाने पर राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा का पहला बयान सामने आया है। जी-20 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित नहीं किए जाने के ट्रंप के फैसले को रामफोसा ने “अत्यंत अफसोसजनक” बताया है। 

 

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल मीडिया पर किया दक्षिण अफ्रीका को नहीं बुलाने का ऐलान

बता दें कि अमेरिका ने एक दिसंबर 2025 से 30 नवंबर 2026 तक जी-20 की अध्यक्षता की कमान संभाली है। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ही जी-20 का अध्यक्ष था। अमेरिका को दक्षिण अफ्रीका ने ही अगले जी-20 की अध्यक्षता को ट्रांसफर किया है। मगर कुछ दक्षिण अफ्रीका से अमेरिका कुछ वजहों से नाराज हो गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर घोषणा की कि 2026 में फ्लोरिडा में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीका को निमंत्रण नहीं दिया जाएगा, क्योंकि प्रिटोरिया सरकार “सदस्यता के योग्य नहीं” है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि दक्षिण अफ्रीका की सरकार “अफ्रीकी लोगों तथा पुर्तगाली, फ्रांसीसी और जर्मन मूल के नागरिकों के खिलाफ हो रहे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन” को स्वीकार करने या उस पर ध्यान देने से इनकार कर रही है।

दक्षिण अफ्रीका से क्यों खफा हुआ अमेरिका

दक्षिण अफ्रीका ने एक दिसंबर 2024 से जी-20 की अध्यक्षता संभाली थी और 22-23 नवंबर को जोहान्सबर्ग में पहली बार अफ्रीकी महाद्वीप पर जी-20 नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित किया था। परंपरा के अनुसार निवर्तमान अध्यक्ष अगले अध्यक्ष को प्रतीकात्मक लकड़ी का हथौड़ा सौंपता है। अमेरिका ने दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में हाल ही में हुए जी-20 शिखर सम्मेलन का पूरी तरह बहिष्कार किया था और कोई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं था। अमेरिका ने बाद में अपने दूतावास से एक अधिकारी भेजकर हथौड़ा लेने की पेशकश की, लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने इसे ठुकरा दिया। राष्ट्रपति कार्यालय का कहना था कि राष्ट्रपति रामाफोसा का स्तर इतना ऊंचा है कि वे किसी कनिष्ठ राजनयिक को प्रतीक नहीं सौंप सकते; इसे अपमान माना जाएगा।

 

रामफोसा ने अमेरिका के कनिष्क को नहीं दिया हथौड़ा

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा, “राष्ट्रपति रामाफोसा और उनके प्रशासन ने अमेरिका के साथ राजनयिक संबंधों को सामान्य बनाने के लिए लगातार प्रयास किए, फिर भी राष्ट्रपति ट्रंप भ्रामक सूचना और विकृत तथ्यों के आधार पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करते रहे हैं। यह अत्यंत दुखद है। अंततः शुक्रवार को प्रिटोरिया स्थित अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं सहयोग विभाग के मुख्यालय में जी-20 अध्यक्षता से संबंधित सभी दस्तावेज और प्रतीकात्मक हथौड़ा विधिवत रूप से अमेरिकी दूतावास के एक अधिकारी को सौंप दिया गया। दक्षिण अफ्रीकी विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन का यह कदम न सिर्फ जी-20 की परंपराओं का उल्लंघन है, बल्कि अफ्रीकी महाद्वीप के पहले सफल अध्यक्षता वर्ष को जानबूझकर कमतर आंकने की कोशिश भी है। (भाषा)

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