
कराची में Fearless — ज़िंदगी के खिलाड़ी
कराची आने के बाद Fearless Collective उस जगह गया जहां लोग जाने से घबराते हैं. हम बात कर रहे हैं लयारी की जिसे बहुत असुरक्षित माना जाता है।
शिलो का कहना है : “मज़े की बात ये है कि जब मैं पाकिस्तान आ रही थी तो मेरे परिजनों ने कहा कि पाकिस्तान मत जाना वो बहुत असुरक्षित है। लाहोर पहुंचने पर लोगों ने कहा कि कराची मत जाना, वो सुरक्षित नही है। और फिर कराची पहुंचने पर लोगो ने कहा कि लयारी जाने की तो सोचना भी मत। मुझे लगा कि जीवन में सुरक्षा और असुरक्षा तो लगी ही रहती है।"
लयारी में विषय था 'खेल: "लयारी में हमने खेल, ख़ासकर ज़िंदगी के खेल के बारे में बात की। हम सभी अपनी ज़िंदगियों से खेलते रहते हैं और दरअसल ज़िंदगी ख़ुद अपने आप में एर खेल है, कभी भी कुछ हो सकता है। लयारी में हमने बच्चों से लंगड़ी खेलने को कहा और फिर पूछा कि जब वे एक पांव पर थे तो उन्हें किससे असुरक्षा मेहसूस हुई और किस चीज़ से उन्हें सुरज्क्षित मेहसूस हुआ जब वे दोनों पांव पर खड़े थे।" मैंने कभी इतनी खुशी और ज़िंदगी नहीं देखी जो उस दिन लयारी में बच्चों के साथ मेहसूस की। ये यूं था मानों हम कैसे अपनी ज़िंदगी के साथ खेल रहे हैं। आख़िर में लगा कि ज़िंदगी भी तो एक खेल ही है।
हया फ़ातिमा का कहना है कि लोग सोचते हैं कि कला जनता के लिये नही है वो बस गैलरियों तक ही सीमित रहती है। लेकिन इसे सड़क पर लाना ज़रुरी है वो भी संदेश के साथ।