काठमांडू: विनाशकारी भूकंप की त्रासदी झेल रहे नेपाल में फंड को सरकारी कोष में जमा कराने को लेकर सरकार व दानदाता समुदायों के बीच तकरार के बाद भारत ने शनिवार को कहा कि वह आपदाग्रस्त देश की प्राथमिकता के आधार पर सहायता करेगा।
नेपाल में भारत के राजदूत रंजीत राय ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारत आपदाग्रस्त देश को पुनर्निर्माण तथा पुनर्वास में उसकी जरूरत के हिसाब से सहायता करेगा।
राजदूत ने कहा कि नेपाल ने भारत को आश्वस्त किया है कि वह 10 जून तक अपनी जरूरतों की प्राथमिकता तय कर लेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही इस मामले में प्रतिबद्धता जता चुके हैं।
राय ने कहा, "हमारी रस्में व परंपराएं समान हैं। इसलिए हम नेपाल की सहायता पूरे मनोयोग से करेंगे।"
यह याद करते हुए कि भूकंप के मात्र छह घंटों के भीतर भारत ने नेपाल की मदद शुरू कर दी, राजदूत ने कहा कि नई दिल्ली पहले ही आपदाग्रस्त देश को कम से कम 15 हजार टन राहत सामग्री मुहैया करा चुका है।
उन्होंने कहा कि वह सहायता की गणना मौद्रिक आधार पर नहीं करते।
राय ने कहा, "सरकार के पास जिलों में मजबूत और बड़ा नेटवर्क है और सरकार को उसी की जरूरत है, जो उसे चाहिए। इसलिए सरकारी चैनल के माध्यम से नेपाल को सहायता देना बेहतर होगा।"