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इराक: मिलिशिया कमांडर की गिरफ्तारी के बाद बगदाद में बढ़ा तनाव, सरकार पर रिहा करने का दबाव

 Reported By: Bhasha
 Published : May 27, 2021 12:24 pm IST,  Updated : May 27, 2021 12:25 pm IST

इराक की राजधानी बगदाद में आतंकवाद के आरोपी एक मिलिशिया कमांडर की गिरफ्तारी के बाद तनाव बढ़ गया है। बगदाद में कासिम महमूद मुस्लेह की गिरफ्तारी के बाद अर्द्धसैन्य समर्थकों एवं इराकी सरकार के बीच खतरनाक टकराव की स्थिति पैदा हो गई है।

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इराक: मिलिशिया कमांडर की गिरफ्तारी के बाद बगदाद में बढ़ा तनाव, सरकार रिहा करने का दबाव Image Source : AP

बगदाद: इराक की राजधानी बगदाद में आतंकवाद के आरोपी एक मिलिशिया कमांडर की गिरफ्तारी के बाद तनाव बढ़ गया है। बगदाद में कासिम महमूद मुस्लेह की गिरफ्तारी के बाद अर्द्धसैन्य समर्थकों एवं इराकी सरकार के बीच खतरनाक टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। इराक की सेना ने एक बयान में बताया कि इराकी सुरक्षा बलों ने आतंकवाद के आरोपों में न्यायिक जांच और फिर जारी गिरफ्तारी वारंट के बाद मुस्लेह को बुधवार तड़के गिरफ्तार कर लिया। बयान में बताया गया कि मुस्लेह से संयुक्त जांच समिति पूछताछ कर रही है। 

मुस्लेह अनबर प्रांत में ‘पॉपुलर मोबेलाइजेशन फोर्सेस’ (पीएमएफ) का प्रमुख है। पीएमएफ सरकार द्वारा स्वीकृत एक समूह है, जिसका गठन 2014 में इस्लामिक स्टेट समूह को हराने के लिए किया गया था। इस समूह में सबसे शक्तिशाली लोग इराक समर्थित शिया मिलिया समूह हैं। गिरफ्तारी के तत्काल बाद पीएमएफ से संबद्ध बल इराक के प्रधानमंत्री मुस्तफा अल कदीमी के मुख्यालय के चारों ओर तैनात कर दिए गए। पीएमएफ के कार्यालय अत्यधिक सुरक्षा वाले ग्रीन जोन में हैं। 

तनाव उस समय और बढ़ गया, जब सरकार और राजनयिक मिशनों की रक्षा के लिए इराकी सुरक्षा बलों और आतंकवाद रोधी सेवा के कर्मियों को तैनात किया गया, जिसके कारण हिंसा की आशंका बढ़ गई है। कुछ सशस्त्र पीएमएफ धड़े ग्रीन जोन के मुख्य द्वार के आस-पास एकत्र हो गए। इराक सरकार के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सरकार के कार्यालयों के बाहर पीएमएफ की मौजूदगी मुस्लेह को रिहा करने के लिए अल-कदीमी पर दबाव बनाने का तरीका है। बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने शक्ति के इस प्रदर्शन को ‘‘इराकी संविधान और कानूनों का गंभीर उल्लंघन’’ करार दिया है और इस मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। अल-कदीमी ने वरिष्ठ शिया नेताओं के साथ बैठक की। प्रधानमंत्री ने एक जांच समिति भी गठित की। 

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