इस्लामाबाद: पाकिस्तान की गुप्तचर सेवा इंटर सर्विस इंटेलीजेंस (ISI) के प्रमुख ने यह दावा किया है कि उन्होंने पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो को 2007 में आगाह किया था कि आतंकी संगठन उनपर रावलपिंडी में जानलेवा हमला कर सकते हैं, लेकिन बेनजीर नहीं मानीं।
दो बार प्रधानमंत्री रहीं बेनजीर की 27 दिसंबर, 2007 को रावलपिंडी में एक चुनावी रैली के दौरान आतंकी हमले में हत्या कर दी गई थी।
समाचार पत्र डॉन के अनुसार उस वक्त बेनजीर के सुरक्षा अधिकारी रहे पुलिस अधीक्षक इम्तियाज हुसैन ने आतंकवाद विरोधी अदालत को बताया कि आईएसआई के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल नदीम ताज तथा उप प्रमुख मेजर जनरल अहसन ने 26-27 दिसंबर की रात बेनजीर से मुलाकात की उनकी सुरक्षा को लेकर चर्चा की थी।
रावलपिंडी स्थित अदालत के समक्ष अपना बयान रिकॉर्ड कराते हुए हुसैन ने कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल ताज और मेजर जनरल अहसन ने बेनजीर को इस बात के लिए मनाने का प्रयास किया था कि वह रावलपिंडी के लियाकत बाग में रैली नहीं करें।
उन्होंने कहा, पूर्व प्रधानमंत्री ने मुझसे कहा था कि खुफिया एजेंसियों, आईएसआई प्रमुख और मेजर जनरल ताज ने उनकी जान को खतरे के बारे में सूचित किया था।
आईएसआई प्रमुख की बेनजीर के साथ मुलाकात कुछ घंटे तक चली।
उस वक्त बेनजीर को बताया गया कि सेना को अलग अलग सूत्रों से सूचना मिली है कि आत्मघाती हमलावर रावलपिंडी में प्रवेश कर चुके हैं और वे सभा से पहले या सभा के दौरान उनकी हत्या कर सकते हैं।