ढाका: भारत तथा बांग्लादेश ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करते हुए आज कहा कि उन्होंने ऐतिहासिक भूमि सीमा समझौते को तेजी से लागू करने का फैसला किया है और दोनों देश असैन्य परमाणु उर्जा, पेट्रोलियम तथा उर्जा जैसे अन्य क्षेत्रों में भी परस्पर सहयोग करेंगे ।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात के बाद जारी संयुक्त घोषणापत्र में इस बात पर सहमति जतायी गयी है कि उर्जा क्षेत्र विशेषकर अक्षय उर्जा और परमाणु उर्जा के क्षेत्र में सहयोग और बढाया जाएगा । इस घोषणापत्र को नोतून प्रोजोन्मो - नयी दिशा : नयी पीढी, नयी दिशा: नाम दिया गया है ।
मोदी और हसीना के बीच कल हुई बातचीत के अंशों को उजागर करते हुए घोषणापत्र में कहा गया कि दोनों प्रधानमंत्री असैन्य परमाणु उर्जा विशेषकर तकनीकी लोगों के प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग पर सहमत हुए हैं ।
इसमें कहा गया है कि मोदी और हसीना ने दोनों पक्षों के संबद्ध अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे 1974 के भूमि सीमा समझौते तथा 2011 की संधि को जमीनी स्तर पर तेजी से लागू करने की दिशा में कार्य करें ।
मोदी कल ही बांग्लादेश की दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे हैं । पहले दिन दोनों पक्षों ने भूमि सीमा समझौते से जुडे दस्तावेजों का आदान प्रदान किया । यह समझौता 1974 के समझौते के कार्यान्वयन का रास्ता तैयार करता है, जिसके तहत दोनों ही देशों के नियंत्रण वाले 161 एन्क्लेव का आदान प्रदान किया जाएगा ।
दोनों देशों ने एन्क्लेव में रहने वाले लोगों को हरसंभव सुविधाएं देने की प्रतिबद्धता जतायी । साथ ही कहा कि नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी ।
उर्जा क्षेत्र के बारे में दस्तावेज में कहा गया कि दोनों देशों ने वार्षिक भारत-बांग्लादेश उर्जा वार्ता करने का फैसला किया है । वार्ता का नेतृत्व भारत के पेट्रोलियम सचिव तथा बांग्लादेश की पावर डिवीजन के सचिव संयुक्त रूप से करेंगे ।
वार्ता में कोयला, प्राकृतिक गैस, एलएनजी, पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति, अक्षय उर्जा, तेल एवं गैस पाइपलाइन जैसे क्षेत्रों सहित व्यापक उर्जा सहयोग शामिल होगा ।
क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बढाने के मकसद से मोदी बांग्लादेश के इस प्रस्ताव पर विचार को सहमत हो गये हैं कि खुलना और कोलकाता के बीच दूसरी मैत्री एक्सप्रेस चलायी जाए ।
घोषणापत्र में कहा गया कि दोनों प्रधानमंत्रियों ने रेलवे क्षेत्र में सहयोग विशेषकर अखौरा-अगरतला रेलवे संपर्क और पुराने रेल संपको को पुनर्जीवित करने के मामले में चल रहे सहयोग पर संतोष व्यक्त किया ।
मोदी और हसीना ने सामुद्रिक शिपिंग समझौते पर दस्तखत का स्वागत किया । उन्होंने कहा कि इससे द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय व्यापार एवं कनेक्टिविटी के मामले में सहयोग के नये अवसर प्रकट होंगे ।
संयुक्त घोषणापत्र में कहा कि दोनों देशों के प्रधानमंत्री बांग्लादेश-भारत अंतर-देशीय जल संधि के रूटों की ड्रेजिंग :तलकर्षण: को लेकर सहमत हैं ताकि उनका पूर्ण उपयोग हो सके ।
दोनों प्रधानमंत्रियों ने सुरक्षा से जुडे मुद्दों पर सहयोग को लेकर संतोष का इजहार किया । आतंकवाद और उग्रवाद से कोई भी समझौता नहीं करने की बात दोनों ने दोहरायी ।
दोनों नेताओं ने अपनी अपनी जमीन का ऐसी किसी गतिविधि के लिए इस्तेमाल नहीं होने देने की प्रतिबद्धता दोहरायी, जो किसी दूसरे देश के लिए प्रतिकूल या शतु्रवत हो ।
घोषणापत्र में कहा गया कि आतंकवाद में लिप्त समूहों और व्यक्तियौं के बारे में सूचनाओं के आदान प्रदान के मामले में सहयोग के प्रति दोनों देशों ने प्रतिबद्धता व्यक्त की ।
दोनों प्रधानमंत्रियों ने समन्वित सीमा प्रबंधन योजना के प्रभावशाली कार्यान्वयन पर जोर दिया ताकि बेहतर सीमा प्रबंधन सुनिश्चित हो सके और सीमा पारीय आपराधिक गतिविधियों, अनियमित आवाजाही, हिंसा जैसी घटनाओं को रोका जा सके ।
दोनों ही प्रधानमंत्रियों ने दोहराया कि सीमा पर होने वाली मौतों को घटाकर शून्य किया जाना चाहिए और संबद्ध अधिकारियों एवं सीमा रक्षक बलों को निर्देश दिया कि वे इस दिशा में कार्य करें ।