
बगदादी ने इस नए नियम ने ISIS को दो धड़ों में बांट दिया है। "कुछ " ISIS आतंकवादियों ने बगदादी के फैसले का समर्थन किया है, क्योंकि सिर काटने के वीडियो को आम लोग बर्बर मानते हैं और उनकी भर्त्सना करते हैं। जबकि कुछ अन्य आतंकवादियों ने इस फैसले का यह कहकर समर्थन नहीं किया कि ऐसे वीडियो ने असल में ISIS के दुश्मनों औऱ पश्चिमी ताकतों को सबक मिलता है, आम जनता इससे भयभीत नहीं होती।," एआरए ने प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में कहा।
सीरियाई राजनीतिज्ञ और वकील फेरिड हिस्सो ने एआरए न्यूज से कहा कि अब ऐसे वीडियो पर प्रतिबंध लगाने से कोई फायदा नहीं है, क्योंकि पिछले कुछ सालों में ISIS के खौफनाक वीडियो सारी दुनिया के लोग पहले ही देख चुके हैं।
"ऐसे वीडियो जारी करने पर प्रतिबंध लगाने के बजाय, बगदादी को ऐसी हत्याओं पर प्रतिबंध लगाना चाहिए था। लेकिन बगदादी ने तो पहले ही अपने साथियों की बर्बरता को सही ठहरा दिया है, तो ऐसी स्थिति में बगदादी के इस फैसले का कोई खास अर्थ नहीं है।," हिस्सो ने आगे कहा।
हारेट्ज के अनुसार, “ISIS के लड़ाकों द्वारा हत्या करने के दृश्य तब मीडिया की सुर्खियों में छा गए थे, जब तथाकथित जिहादी जॉन को ऐसे वीडियो में दिखाया जाता था। आतंकवादियों द्वारा कैदियों के सिर काटने वाले अनेक वीडियो 2014 से अब तक जारी किए जा चुके हैं।"