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पाकिस्तान में हिंदू पत्रकार को बदमाशों ने गोलियों से भूना, कट्टरपंथियों के अत्याचारों के खिलाफ उठाते थे आवाज

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 20, 2021 05:18 pm IST,  Updated : Mar 20, 2021 05:18 pm IST

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में नाई की दुकान पर बाल कटवाने गए 31 वर्षीय हिंदू पत्रकार की अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी।

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पाकिस्तान के सिंध प्रांत में नाई की दुकान पर बाल कटवाने गए 31 वर्षीय हिंदू पत्रकार की अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। Image Source : TWITTER/@SOOMROHALEEMA

कराची: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में नाई की दुकान पर बाल कटवाने गए 31 वर्षीय हिंदू पत्रकार की अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पाकिस्तानी मीडिया में शनिवार को सामने आई खबरों के मुताबिक, ललवानी को बदमाशों ने कई गोलियां मारीं। ‘द न्यूज इंटरनेशनल’ ने खबर दी कि अजय लालवानी एक स्थानीय टेलीविजन चैनल और उर्दू भाषा के अखबार ‘डेली पुचानो’ में रिपोर्टर थे। इसके मुताबिक, गुरुवार को उनके पेट, बांह और घुटने में गोली लगने से उनकी मौत हो गई। वह सुक्कुर शहर में नाई की दुकान में बैठे थे, तभी दो मोटरसाइकिल एवं एक कार में सवार हमलावरों ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं।

‘अस्पतला में हुई ललवानी की मौत’

रिपोर्ट्स के मुताबिक, लालवानी को नजदीक के अस्पताल में ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। उनके पिता दिलीप कुमार ने कहा कि उनके परिवार की किसी से दुश्मनी नहीं थी और पुलिस के इस दावे को खारिज कर दिया कि निजी दुश्मनी के कारण उनकी हत्या हुई। पुलिस ने शुक्रवार को 3 अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और जांच शुरू कर दी। हत्या की निंदा करते हुए पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में हिंदू सदस्य लालचंद मल्ही ने कहा कि यह ‘गंभीर चिंता का विषय’ है। पत्रकारों के एक समूह ने लालवानी की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन किया और उनके अंतिम संस्कार के बाद मार्च निकाला।


कराची के लोकप्रिय पत्रकार थे ललवानी
अजय ललवानी कराची के एक बेहद लोकप्रिय पत्रकार थे और वह हिंदू अधिकारों की लड़ाई लड़ने में हमेशा आगे रहे। वह पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को लेकर आवाज उठाते रहते थे। उनकी कलम अक्सर अल्पसंख्यकों के खिलाफ पाकिस्तान सरकार की भेदभावपूर्ण नीतियों के खिलाफ चलती रहती थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अस्पताल पहुंचने तक ललवानी जीवित थे लेकिन ज्यादा खून बह जाने के कारण उनकी मौत हो गई। बता दें कि पाकिस्तान में हाल ही में पत्रकारों पर कई हमलों की खबरें आई हैं और पत्रकार समूहों ने लगातार इसे लेकर इमरान खान सरकार पर निशाना साधा है।

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