संयुक्त राष्ट्र: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण देते हुए एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कश्मीर का मुद्दा हल किए बिना दोनों देशों के बीच शांति स्थापित नहीं हो सकती। शरीफ ने बुरहान वानी को कश्मीर की आवाज बताया। शरीफ ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच बिना कश्मीर मुद्दे के बातचीत नहीं हो सकती है। हमने बातचीत की कोशिश की लेकिन भारत ने शर्त ऱख दी।
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नवाज शरीफ ने कहा कि अन्याय के माहौल में शांति संभव नहीं है। दुनिया के सामने कई तरह की चुनौतियां है। उन्होंने कहा कि मेरा देश भी आतंकवाद से पीड़ित है। हमने आतंकियों के खिलाफ सबसे बड़ा अभियान चलाया। हम विदेशों से प्रायोजित आतंकवाद से पीड़ित है। आतंकवाद की जड़ जाने बिना लड़ाई जीतना मुश्किल। बिना कश्मीर के दोनों देशों में बातचीत बेमतलब है।
20 मिनट के भाषण में नवाज शरीफ ने करीब 8 मिनट तक अपना भाषण कश्मीर पर केंद्रित रखा। नवाज ने भारत पर कश्मीरी जनता की आवाज को दबाने और कुचलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कश्मीर मसले का हल यूएन के प्रस्ताव को लागू किए बिना नहीं हो सकता है। कश्मीर की युवा पीढ़ी भारत के अवैध कब्जे के खिलाफ लड़ रही है। नवाज शरीफ ने कहा कि कश्मीर से सेना को हटाकर जनमत संग्रह कराना चाहिए।
नवाज शरीफ ने कश्मीर मामले में संयुक्त राष्ट्र से दखल देने की मांग करते हुए कहा कि वहां एक टीम भेजी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कश्मीर के बारे में वे एक डोजिएयर संयुक्त राष्ट्र महासचिव को सौंपेंगे।
यूएन में नवाज ने उठाया कश्मीर का मुद्दा
1. कश्मीर से सेना हटाई जाए
2. सैकड़ों लोगों ने पैलेट गन से आंखें खोईं
3. कश्मीर में भारतीय सेना ने किया मानवाधिकार का हनन
4 यूएन की टीम पूरे मामले की जांच करे
5. बुरहान वानी कश्मीर की आवाज-शरीफ
6. अलगाववादियों को रिहा करे भारत-शरीफ
7. कश्मीर का मुद्दा हल किए बिना शांति नहीं-शरीफ
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