इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण से पहले देश के प्रभावशाली सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ से टेलीफोन पर बातचीत की और ऐसे संकेत हैं कि वह भारत के साथ तनाव कम करने के लिए अपने कश्मीर राग को शिथिल कर सकते हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि कल रात दोनों ने कश्मीर की स्थिति और भारत के साथ तनावपूर्ण रिश्ते पर चर्चा की। उरी में भारतीय सैन्य शिविर पर आतंकवादी हमले के बाद भारत के साथ पाकिस्तान के रिश्ते में काफी तनाव आ गया है। इस हमले में 18 सैनिक शहीद हो गए।
शरीफ की कश्मीर हिंसा को जोर-शोर से उठाने की योजना थी लेकिन उरी आतंकवादी हमले से स्थिति बदल गयी है और इस हमले के बाद सीमापार आतंकवाद का मुद्दा छा गया है। अधिकारी ने कहा, प्रधानमंत्री अपने भाषण में संतुलन कायम कर सकते हैं। वह कश्मीर में भारतीय उत्पीड़न की चर्चा तो करेंगे लेकिन वह तनाव खत्म करने के लिए सुलहपूर्ण रूख भी अपनायेंगे।
नवाज शरीफ कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए प्रस्ताव भी पेश कर सकते हैं जिनमें संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों का क्रियान्वयन तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मध्यस्थ की भूमिका पर बल हो सकता है। वैसे पाक प्रधानमंत्री एवं सेना प्रमुख के बीच बातचीत के बाद के बाद कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है लेकिन उरी हमले के बाद उनका यह पहला संवाद है।
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'शरणार्थियों के लिए अपने दिलों को खोलें सभी देश'
जियो टीवी ने खबर दी है कि दोनों नेताओं के बीच वार्ता दर्शाता है कि उरी हमले के बाद स्थिति गंभीर है। उरी हमला हाल के वर्षों में भारतीय सेना पर सबसे घातक हमलों में एक है। हथियारों से लैस आतंकवादियों ने बल के बटालियन मुख्यालय पर धावा बोला था। वैसे चारों आतंकवादी सेना की जवाबी कार्रवाई में मारे गए। भारतीय डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने कहा है कि मारे गए चारों आतंकवादी विदेशी हैं और उनके पास जो सामान थे उन पर पाकिस्तानी निशान थे। प्रारंभिक रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि वे पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य थे। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शरीफ आज 71 वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र को संबोधित करेंगे।