1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. इस्राइल चुनाव: कभी आदेश मानने वाले ‘जनरल’ ने ही नेतन्याहू को दिया सबसे बड़ा झटका

इस्राइल चुनाव: कभी आदेश मानने वाले ‘जनरल’ ने ही नेतन्याहू को दिया सबसे बड़ा झटका

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Sep 19, 2019 04:40 pm IST,  Updated : Sep 19, 2019 04:40 pm IST

इस्राइल चुनावों के नतीजे आने के साथ ही प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को एक बार फिर अपनी सरकार बनाने के सपने को झटका लगा है।

Benny Gantz and Benjamin Netanyahu | AP File- India TV Hindi
Benny Gantz and Benjamin Netanyahu | AP File

जेरूसलम: इस्राइल चुनावों के नतीजे आने के साथ ही प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को एक बार फिर अपनी सरकार बनाने के सपने को झटका लगा है। हालांकि उन्होंने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी और ब्लू ऐंड व्हाइट पार्टी के नेता बेनी गांज के साथ गठबंधन सरकार बनाने के मुद्दे पर गुरुवार को उनसे बात की है। नेतन्याहू ने तीसरे चुनाव की संभावना को टालने के लिए ऐसा किया है जहां दूसरी बार हुए मतदान में स्पष्ट रूप से किसी को बहुमत नहीं मिला है। लोगों के मन में अब सवाल है कि आखिर गांज हैं कौन जो इतनी तेजी से इस्राइल की राजनीति पर छा गए।

कभी नेतन्याहू के जनरल थे गांज

बेनी गांज 2011 से 2015 तक इस्राइल की सेना के जनरल रहे हैं। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अधीन काम किया। खास बात यह है कि उन्होंने दिसंबर 2018 में ही अपनी नई पार्टी बनाने का ऐलान किया, और कुछ ही महीने बाद इस्राइल में अप्रैल में हुए चुनावों में वह नेतन्याहू की पार्टी से थोड़ा ही पीछे रहे। इस बार के चुनावों में उनकी ब्लू एंड व्हाइट पार्टी को इस्राइल की 120 सीटों वाली संसद में 33 मिलीं, जबकि नेतन्याहू की लिकुद पार्टी सिर्फ 32 सीटें ही जीत पाई। इस तरह गांज ने सिर्फ कुछ महीनों के भीतर एक मंझे हुए नेता नेतन्याहू को पीछे छोड़ दिया।

चुनावी रैलियों में गांज ने किया था यह बड़ा वादा
अपनी चुनावी रैलियों में गांज ने एक ऐसा वादा किया था, जो 69 वर्षीय नेतन्याहू के साथ मिलकर सरकार बनाने से उन्हें रोक सकता है। गांज ने कहा था कि वह ऐसी किसी भी सरकार का हिस्सा नहीं होंगे, जिसमें नेतन्याहू शामिल हों। 60 वर्षीय गांज ने यह बात नेतन्याहू के ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के संदर्भ में कही थी। 6 फीट 2 इंच लंबे गांज ने नेतन्याहू के विपरीत अरब एवं अन्य अल्पसंख्यकों से भी खुलकर वोट मांगे थे। एक तरफ जहां नेतन्याहू लगातार 5वीं बार प्रधानमंत्री बनने का ख्वाब देख रहे हैं, वहीं गांज का एक प्रमुख चुनावी वादा कार्यकाल को सीमित करने का भी था।

सरकार बनाने के लिए नेतन्याहू ने बढ़ाया हाथ
नेतन्याहू ने गांज के सामने सरकार बनाने के लिए हाथ बढ़ाया है। नेतन्याहू ने कहा, ‘चुनाव में, मैंने एक दक्षिणपंथी सरकार के गठन का आह्वान किया था, लेकिन दुख की बात है कि चुनाव परिणाम दिखाते हैं कि यह संभव नहीं है। अब कोई और विकल्प नहीं है और केवल एक व्यापक गठबंधन सरकार बन सकती है। बेनी गांज, मैं आपसे मिलता हूं। आज एक व्यापक गठबंधन सरकार बनाने की जिम्मेदारी हम पर है। देश हमसे, हम दोनों से मिलकर काम करने की उम्मीद करता है।’ इससे पहले अप्रैल में चुनाव हुआ था जिसमें सरकार बनाने के लिए कोई गठजोड़ नहीं बना पाने के बाद 69 वर्षीय नेतन्याहू ने दूसरे चुनाव की घोषणा की थी।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश