नई दिल्ली: तुर्की के समुद्र तट के किनारे सीरिया के तीन साल के बच्चे आयलान के बेजान शरीर की तस्वीरों ने सारी दुनिया को सकते में डाल दिया है। सीमाओं और धर्मों में बंटी दुनिया की क्रूर हकीकत मानो उसके सामने आकर खड़ी हो गई हो। सारी दुनिया का ध्यान एकाएक शरणार्थियों की समस्या पर चला गया। आखिर कौन है शरणार्थी समस्या के लिए औऱ आयलान जैसे मासूम बच्चों की दुर्भाग्यपूर्ण मौतों के लिए?
सबसे ज्यादा शरणार्थी सीरिया, लीबिया, इराक और अफगानिस्तान में
शरणार्थियों में सर्वाधिक संख्या सीरिया, लीबिया, इराक और अफगानिस्तान के लोगों की है, जहां अमेरिकी हस्तक्षेप के कारण व्यापक विनाश, असुरक्षा और पलायन हुआ है। इन देशों के लोग बुनियादी मानव अधिकारों से वंचित हो गए हैं। उनके पास जिंदा रहने के लिए पड़ोसी देशों और यूरोप की ओर भागने के अलावा और कोई चारा नहीं है
हजारों शरणार्थी यूरोप जाने की कोशिश में मारे जाते हैं
शरणार्थी मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त एंटोनियो गुटरेस के मुताबिक इस साल तीन लाख से अधिक शरणार्थियों ने भूमध्य सागर पार कर यूरोप पहुंचने की कोशिश की है, जिनमें से 2,600 से अधिक ने अपनी जान गंवा दी।
अमेरिका, सहयोगी देश जिम्मेदार
इस समस्या के लिए मुख्य जिम्मेदार अमेरिका और उनके सहयोगी देश हैं हालांकि इस मामले में अपनी जिम्मेदारियों से बेफिक्र और अपनी कारगुजारियों से पैदा हुई बदतर स्थिति को ठीक करने और समस्या का निदान करने की जवाबदेही से लापरवाह प्रतीत हो रहे हैं।
इराक, लीबिया के बाद सीरिया अमेरिका से पीड़ित देश
मध्य पूर्व में इराक और लीबिया के बाद अमेरिका के शिकार देशों की कड़ी में सीरिया ताजा नाम है। अमेरिका के नेतृत्व में पश्चिमी देशों के हस्तक्षेप के बाद गत चार साल से सीरिया गृह युद्ध से प्रभावित है और वहां से सर्वाधिक संख्या में लोग दूसरे मुल्क की ओर भाग रहे हैं।
बदहाली के लिए अमेरिका जिम्मेदार
आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) सीरिया के आम नागरिकों पर लगातार आत्मघाती हमले कर रहा है और उनका अपहरण कर रहा है। सीरिया के लोगों के लिए अपने ही देश में खतरा पैदा हो गया है। दूसरी ओर अमेरिका ने हालांकि इराक और अफगानिस्तान से अपनी सेना तो वापस खींच ली है, लेकिन इन देशों को अस्थिर करने और उसे बदतर स्थिति में छोड़ कर निकलने के लिए वह निश्चित रूप से जिम्मेदार है।